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बिहार की जीत, बंगाल में हत्या, कांग्रेस का ‘चंगुल’… जीत के जश्न में क्या-क्या बोले PM मोदी

नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव में कांटे की लड़ाई में एनडीए की जीत से उत्साहित बीजेपी ने बुधवार को दिल्ली में महाजश्न मनाया। कोरोना महामारी के बावजूद पार्टी मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा हुआ था। मोदी-मोदी और 'एक ही नारा एक ही नाम जय श्रीराम जय श्रीराम' के नारों की गूंज के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता की जय के नारे के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस पर हमला बोला और परिवारवादी पार्टियों और एक ही परिवार की पार्टियों को लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। पीएम ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के लिए बिना नाम लिए सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखे हमले बोले।

पीएम मोदी का भाषण
कल सुबह से लेकर देर रात तक पूरे देश की नजरें टीवी पर थीं, ट्विटर पर थीं, चुनाव आयोग की वेबसाइट पर थीं। लोकतंत्र के प्रति हम भारतीयों की जो आस्था है, उसकी मिसाल पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलती। चुनाव नतीजों में हार-जीत अपनी जगह है लेकिन चुनाव की ये प्रक्रिया हर भारतीयों के लिए गौरव का विषय है, इसलिए पूरे देश को बधाई देता हूं, धन्यवाद करता हूं। इस चुनाव को सफलतापूर्वक, शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग, देश के सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन भी बधाई के पात्र हैं।

'बिहार में पहले चुनाव के अगले दिन ये खबर आती थी- इतने लोग मारे गए'
कुछ चीजें तो हम देश में भूल गए हैं। आपको पता होगा कि पहले जब चुनाव होते थे तो दूसरे दिन हेडलाइंस आती थीं बूथ लूट की, दोबारा मतदान की। आज खबर आती है कि पोलिंग बढ़ा, पुरुषों का वोट बढ़ा। पहले बिहार में यह खबर आती थी कि इतने लोग मारे गए। लेकिन अब नहीं। कोरोना की वजह से मतदान कम होगा, इस आशंका को लोगों ने ध्वस्त कर दिया। कोरोना के इस संकट काल में चुनाव कराना आसान नहीं था लेकिन हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं इतनी सशक्त और पारदर्शी हैं कि चुनाव कराकर दुनिया को भी भारत की ताकत का अहसास कराया है। इन चुनावों में बीजेपी को, एनडीए को अपार जनसमर्थन मिला है। इसके लिए बीजेपी के, एनडीए के लाखों कार्यकर्ता भाइयों-बहनों को जितनी बधाई दूं, कम है। मैं हर कार्यकर्ता को, उनके परिजनों को दिल से बधाई देता हूं। ये चुनावी नतीजे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की कुशलता और प्रभावी रणनीति का भी परिणाम है। मैं कहूंगा- नड्डा जी आगे बढ़ो, आप कहेंगे कि हम आपके साथ हैं। (भीड़ नारा दोहराती है)

'पूरब से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से लेकर दक्षिण तक बीजेपी की जय-जयकार'
चुनाव नतीजों के निहितार्थ बहुत गहरे हैं, मायने बहुत बड़े हैं। लोकसभा चुनाव में जो नतीजे आए थे, यह उसका और व्यापक विस्तार है। बीजेपी पूरब में जीती, मणिपुर में कमल का झंडा फहरा दिया। सुदूर पश्चिम में जीती, गुजरात की सभी सीटें जीत ली। बीजेपी को यूपी, एमपी में जीत मिली। और दक्षिण में कर्नाटक, तेलंगाना में भी विजय प्राप्त हुई। लद्दाख, दीव दमन में भी बीजेपी की जयजयकार हो गई। बीजेपी ही एक मात्र राष्ट्रीय पार्टी है जिसका परचम देश के नागरिकों ने ही पूरे देश में फहराया है।

'नतीजों ने बता दिया- विकास ही असल मुद्दा, नहीं माने तो जमानत जब्त होगी'
कभी हम 2 सीट पर थे और 2 कमरों से पार्टी चला करती थी। आज हिंदुस्तान के हर कोने में है, हर किसी के दिल में है। आखिर ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुआ? इसका उत्तर कल जो नतीजे आए हैं, उसी में मिल जाता है। साथियो, भारत के लोग इक्कीसवी सदी के भारत के नागरिक बार-बार अपना संदेश स्पष्ट कर रहे हैं। अब सेवा का मौका उसी को मिलेगा जो देश के विकास के लक्ष्य के साथ ईमानदारी से काम करेगा। हर राजनीतिक दल से देश के लोगों की यही अपेक्षा है कि देश के लिए काम करो, देश के काम से मतलब रखो। कल जो नतीजे आए उन्होंने साबित कर दिया है कि आप काम करेंगे तो लोगों को आपसे भरपूर आशीर्वाद भी मिलेगा। आप खुद को समर्पित करेंगे, चौबीसों घंटे देश के विकास के बारे में सोचेंगे कुछ नया करने की कोशिश करेंगे तो आपको नतीजे भी मिलेंगे। देश की जनता आपकी मेहनत को देख रही है। आपकी तपस्या को देख रही है। आपकी नीयत को देख रही है। और इसलिए चुनाव के समय बिना किसी भ्रम में पड़े जनता जनार्दन कठिनाई के बीच भी वोट देती है। नतीजों में देश की जनता ने तय कर दिया है कि इक्कीसवी सदी में देश की राजनीति का मुख्य आधार विकास ही होगा। साथियो, हमारे यहां यह भी कई बार कहा जाता है कि बैंक खाते, गैस कनेक्शन, अच्छी सड़कें, अच्छे रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, इंटरनेट कनेक्टिविटी, पुल जैसे मुद्दे चुनाव में अहमियत नहीं रखते हैं। जनता ऐसे लोगों को बार-बार कह रही है कि असली मुद्दे यही हैं। देश का विकास आज सबसे बड़ी कसौटी है और आने वाले वक्त में भी यही चुनाव का आधार रहने वाला है। जो इसको नहीं समझ रहे हैं उनकी जगह-जगह ऐसे ही जमानत जब्त होगी।

'बीजेपी ही इकलौती पार्टी जोर गरीब, दलित, पीड़ित, वंचित सबकी पार्टी'
आज देश बीजेपी पर जो स्नेह दिखा रहा है, एनडीए पर स्नेह दिखा रहा है, उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि हमने देश के विकास को अपना सर्वोपरि लक्ष्य बनाया हुआ है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम वो हर काम करेंगे जो देश को आगे ले जाएं। हम वो हर फैसला लेंगे जो देशहित में हो। लोगों के हित में हो। साथियो, आज बीजेपी ही देश की एक मात्र राष्ट्रीय पार्टी है जिसमें गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित अपना प्रतिनिधित्व देखते हैं, अपना भविष्य देखते हैं। आज बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जो समाज के हर वर्ग, हर क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझती है और उनके लिए काम कर रही है। बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जो राष्ट्रीय आकांक्षाओं के साथ ही हर क्षेत्र के गौरव को भी उतने ही गर्व के साथ अपने साथ लेकर चलती है। और इसलिए आज देश के नौजवानों को सबसे ज्यादा भरोसा किसी पर है तो वो बीजेपी है।

'भाजपा ही है जिस पर देश सबसे ज्यादा भरोसा कर रहा'
दलितों, पीड़ितों, शोषितों की अगर कोई आवाज है तो वो भाजपा है। देश के मध्यम वर्ग के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात अगर कोई प्रयास कर रहा है तो वह भाजपा है। महिलाओं के सशक्तीकरण, उनकी गरिमा, उनका गौरव सुनिश्चित करने के लिए जिस पार्टी पर भरोसा किया जा रहा है तो वह भाजपा है। आर्थिक सुधार हो, कृषि सुधार हो या फिर देश की सुरक्षा, शिक्षा, नई व्यवस्थाओं की बात हो….ये भाजपा ही है जिस पर देश सबसे ज्यादा भरोसा कर रहा है। यह भरोसा भाजपा के लिए, मेरे लिए, आपके प्रधानसेवक के लिए बहुत बड़ी पूंजी है। हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। यह भाजपा ही है जिसके लिए लोगों का आशीर्वाद और लोगों का स्नेह निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पहले से और ज्यादा सीट जीतकर सरकार में अपनी वापसी की। बिहार में 3 बार सरकार में रहने के बाद भी बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जिसकी सीटों में वृद्धि हुई है। गुजरात में बीजेपी 90 के दशक से है और वहां भी सभी उपचुनाव पर जीती है। मध्य प्रदेश में भी भाजपा ने सीटें जोड़ी ही हैं।

'बीजेपी की सफलता के पीछे उसका गुड गवर्नेंस मॉडल'
बीजेपी की इस सफलता के पीछे उसका गवर्नेंस मॉडल है। जब लोग गवर्नेंस के बारे में सोचते हैं तो भाजपा के बारे में भी सोचते हैं। भाजपा सरकारों की पहचान ही गुड गवर्नेंस है। इससे कैसे स्थितियां बदल जाती हैं, बड़ी से बड़ी आपदाओं का सामना करने में मदद मिलती है। यह हमने कोरोना काल में भी देखा है। कोरोना संकट इतना बड़ा है कि इसका अंदाजा बड़े से बड़े एक्सपर्ट भी नहीं लगा पाए। लेकिन कोरोना के खिलाफ जैसी लड़ाई भारत ने लड़ी, वैसी कहीं नहीं लड़ी गई। जनता कर्फ्यू से लेकर अभी तक जिस तरह से इस महामारी का मुकाबला किया गया, इस चुनाव नतीजों ने उसे भी अपना समर्थन दिया है। कोरोना काल में गरीब को राशन से लेकर रोजगार तक के लिए जिस स्तर पर भारत में प्रयास हुए हैं, यह उसका समर्थन है। कोरोना काल में बचाया गया एक-एक जीवन भारत की सफलता की कहानी है।

'लोगों ने फिर साबित किया, बिहार क्यों लोकतंत्र की जमीन'
आप लोग और मीडिया के साथी बार-बार यह सोच रहे होंगे कि मोदी ये लंबा-लंबा बोल रहा है लेकिन बिहार पर भी तो कुछ बोलूं। बिहार पर भी जरा विस्तार से बात करूं। बिहार तो सबसे खास है। अगर आज आप मुझे बिहार के चुनाव नतीजों के बारे में पूछेंगे कि मेरा जवाब भी जनता के जनादेश की तरह ही उतना साफ है औऱ मेरा जवाब है- चुनाव जीतने का एक ही रहस्य है- सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इस मंत्र की जीत हुई है। बिहार में विकास कार्यों की जीत हुई है। बिहार में सच जीता है। बिहार में विश्वास जीता है। बिहार का युवा जीता है। बिहार की माताएं, बहनें, बेटियां जीती हैं। बिहार का गरीब जीता है। बिहार के आकांक्षाओं की जीत है, बिहार के गौरव की जीत है। यह दिखाता है कि बिहार के जन-जन में एनडीए के परफॉर्मेंस और भविष्य की संभावनाओं के प्रति कितना विश्वास है। मैं बिहार के लोगों से कहूंगा कि आपने एक बार फिर सिद्ध किया है कि बिहार को क्यों लोकतंत्र की जमीन कहा जाता है। आपने फिर सिद्ध किया है कि वाकई बिहारवासी पारखी भी हैं और जागरूक भी हैं। आत्मनिर्भर बिहार के जिस संकल्प के लिए आपने जो अपना प्यार दिया है, उससे भी मैं और हमारी पूरी टीम अभिभूत है। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता, नीतीशजी के नेतृत्व में एनडीए के कार्यकर्ता हर बिहारवासी के साथ इस संकल्प को सिद्ध करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।

मोदी ने बताया- कौन हैं बीजेपी के साइलेंट वोटर
साथियो, मैं कल से टीवी पर देख रहा हूं, अखबारों में चर्चा है- साइलेंट वोटर। अब उनकी गूंज सुनाने लगी है। बीजेपी के पास साइलेंट वोटर का एक ऐसा वर्ग है जो उसे बार-बार वोट दे रहा है, निरंतर वोट दे रहा है। ये साइलेंट वोटर हैं- देश की माताएं, बहनें, महिलाएं, देश की नारी शक्ति। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों तक महिला वोटर ही भाजपा की सबसे बड़ी साइलेंट वोट का समूह बन गया है। आखिर ऐसा क्यों है, क्योंकि ये भाजपा ही है जिसके शासन में महिलाओं को सम्मान भी मिलता है, सुरक्षा भी मिलती है। बैंक अकाउंट से लेकर बैंक लोन तक, गर्भावस्था के दौरान मुफ्त जांच से लेकर 6 महीने अवकाश तक, रसोई को धुएं से मुक्त करना हो या फिर शौचालयों का निर्माण, एक रुपये में सैनिटरी पैड की सुविधा हो या हर घर बिजली पहुंचाना हो या फिर हर घर नल पहुंचाने का अभियान हो, ये बीजेपी ही है जो भारत की महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने के लिए, उम्र के हर पड़ाव को देखते हुए विशेष प्रयास कर रही है। इसलिए भाजपा पर ये साइलेंट वोटर हर बार अपना स्नेह दिखाती है। इस आशीर्वाद के लिए मैं सभी महिलाओं को आदरपूर्वक नमन करता हूं।

'आज का भारत नए मिजाज का भारत, कोरोना काल में भी नहीं डिगा'
साथियो, इक्कीसवी सदी का भारत एक नए मिजाज का भारत है। न हमें आपदाएं रोक सकती हैं और न ही बड़ी-बड़ी चुनौतियां। मैं एक नए भारत के उदय को देख रहा हूं। एक ऐसा भारत जो आत्मविश्वास से भरा हुआ है, जो अपने सामर्थ्य को पहचानता है, जो अपने लक्ष्यों के प्रति सचेत भी है और गंभीर भी है। ये बात हमने इस कोरोना काल में भी देखी है जब दुनिया के अनेक देश थम गए थे, हमारे देश ने नई नीतियां भी बनाई, नए निर्णय भी लिए। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए, वो भी कोरोना काल में। ऐतिहासिक श्रम सुधार हुए। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया। स्पेस सेक्टर में सभी के लिए खोल दिया गया, वो भी कोरोना काल में। सभी गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का अभियान शुरू हुआ, वो भी कोरोना काल में। नैशनल डिजिटल हेल्थ मिशन शुरू हुआ। स्वामित्व योजना शुरू हुई। पिछले 7-8 महीने कोरोना की मुश्किलों के बावजूद हम भारत के लोग जी-जान से जुड़े हुए हैं। यही सामर्थ्य आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी पूरा करेगा।

'परिवारवादी और परिवार की पार्टियां लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा'
भारत के लोकतंत्र में डगर-डगर पर परिपक्वता के दर्शन होते हैं। हमारा लोकतंत्र हर पल नए आयामों को चूमता है, नई संभावनाओं को खोजता है, फलता है, फूलता है, खिलता है। भारत की युवा पीढ़ी में लोकतंत्र के प्रति सच्ची निष्ठा और श्रद्धा दिखती है। नौजवान को अवसर नजर आते हैं मजबूत लोकतंत्र में। लेकिन दुर्भाग्य से कश्मीर से कन्याकुमारी तक परिवारवादी पार्टियों, परिवार की पार्टियों का जो जाल नजर आ रहा है…जरा नजर डालिए कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैमिली पार्टियां। ये पार्टियों का जाल लोकतंत्र के लिए खतरा बनता जा रहा है और ये बात देश का युवा भली-भांति जानता है। परिवार की पार्टियां या परिवारवादी पार्टियां लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। दुर्भाग्य से देश की एक राष्ट्रीय पार्टी, अनेक दशकों तक शासन करने वाली पार्टी भी एक परिवार के चंगुल में फंस गई है। परिवार की पार्टी बनकर रह गई है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी का दायित्व और बढ़ जाता है। हमें अपनी पार्टी में भीतर के लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना है। हमें अपनी पार्टी को जीवंत लोकतंत्र का जीता-जागता उदाहरण बनाना है।

'जीत का उन्माद नहीं, हार का अवसाद नहीं'
पार्टी हर कार्यकर्ता और हर नागरिक के लिए अवसरों का एक बेहतरीन मंच बने, जहां प्रतिभा के साथ न्याय हो और परिश्रम को पुरस्कार मिले। मैं देश के युवाओं को जिनके दिल में राष्ट्रहित सर्वोपरि है, जिनमें लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्धता है, ऐसे युवाओं को निमंत्रित करता हूं। देश के युवाओं से मेरा आह्वान है कि वो आगे आएं और बीजेपी के माध्यम से देश की सेवा में जुट जाएं। अपने सपनों को साकार करने के लिए, संकल्पों को सिद्ध करने के लिए कमल को हाथ में लेकर चल पड़ें, चरेवैति-चरेवैति का मंत्र लेकर चल पड़ें। बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत देखकर मन बहुत खुश होता है जी। आज बीजेपी का विस्तार हो रहा है तो इसके पीछे कार्यकर्ताओं का तप, त्याग और तपस्या है। हमें याद रखना है कि हमारा दायित्व भारत के जन-जन के प्रति है। जीत का उन्माद नहीं, हार का अवसाद नहीं। यही हमारी परिपाटी रही है और यही हमारी पार्टी के विकास का मंत्र रहा है। देश का आशीर्वाद हमारे साथ है, इस आशीर्वाद को हमें अपना दायित्व पूरा करके निभाना हमारी जिम्मेदारी है। राष्ट्रनिर्माण का, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का हमारा मिशन अनवरत जारी है। समाज में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन को हम कैसे आगे बढ़ाएं, हमारा प्रयास इसी एक एकनिष्ठ लक्ष्य की तरफ होना चाहिए।

मिशन बंगाल को भी साधने की कोशिश, बिना नाम लिए ममता पर वार
जो लोग लोकतांत्रिक तरीके से हमारा मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, हमें चुनौती नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे कुछ लोगों ने रास्ता अपनाया है- भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने का। देश के कुछ हिस्सों में उनको लगता है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतारकरके वे अपने मंसूबे पूरे कर लेंगे, मैं उन सबसे आग्रहपूर्वक समझाने का प्रयास करता हूं, मुझे चेतावनी देने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह काम जनता-जनार्दन करेगी। चुनाव आते हैं, जाते हैं, जय-पराजय होता रहता है, कभी यह बैठेगा कभी वह बैठेगा लेकिन ये मौत का खेल लोकतंत्र में कभी नहीं चल सकता है। और मौत का खेल खेलकरके कोई मत नहीं पा सकता है, दीवार पर लिखे हुए ये शब्द पढ़ लेना। और इसलिए मेरे साथियों, हम लोकतंत्र को समर्पित हैं, देश ने हम पर जो भरोसा रखा है, उस भरोसे को पूर्ण करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारी तरफ से हमारे इरादों पर कोई शक नहीं कर सकता। हमारे प्रयासों के प्रति कभी कोई निराश नहीं होता है। हम प्रयास करते रहेंगे, अनवरत करते रहेंगे, भारत के लिए करेंगे, मां भारती की एक-एक संतान के लिए करेंगे। ये चुनाव में हमें जो आशीर्वाद मिलते हैं, ये आशीर्वाद हमें अधिक काम करने की ताकत, ऊर्जा, प्रेरणा देते हैं। मैं उसी आशीर्वाद को लेकरके जनता-जनार्दन के चरणों में अपना शीश झुकाकरके उनके सपनों को पूरा करने के प्रयास में कोई कमी नहीं रखेंगे, ये विश्वास दिलाना चाहता हूं। मैं एक बार फिर देश के सभी मतदाताओं और बीजेपी को धन्यवाद देता हूं। नड्डा जी को बधाई कि उन्होंने विजयोत्सव के बजाय धन्यवाद उत्सव का आयोजन किया है।

जीत का महाजश्न
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भूपेंद्र यादव समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेता पहुंचे हुए हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता खुशी से झूम रहे हैं, नाच रहे हैं। शीर्ष नेताओं पर फूलों की बारिशें हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम सवा 7 बजे के करीब बीजेपी मुख्यालय पहुंचे जहां जेपी नड्डा और बीजेपी के दूसरे बड़े नेताओं ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और विक्ट्री साइन दिखाया।

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