छत्तीसगढ़राज्य

फ्रेंचाईसी देने के नाम पर ठगी करने वाला ठगराज भंडारा से गिरफ्तार

रायपुर। दो वर्ष पूर्व टी-4 हेल्थ कंपनी के नाम पर शहर के दो युवा कारोबारियों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले से गिरफ्तार किया पुलिस उसके साथी महिला आरोपी की तलाश कर रही है। पकड़े गये ठगराज को रायपुर न्यायायल में पेश कर पुलिस उसे पूछताछ के लिये रिमांड पर ले सकती है।

उल्लेखनीय है कि शहर के दो युवा कारोबारियों तेलीबांधा के मौलिक जैन और रामसागरपारा के आयुष अग्रवाल ने 2018 में पार्टनरशिप कर कैफे कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया। दोनों ने जानकारी जुटाई, तो पता चला कि टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसका मुख्यालय महाराष्ट्र मुंबई में है।  कंपनी के बारे में और अधिक जानकारी इन युवाओं ने निकाली तो पता चला कि कंपनी में मिक्की पंजवानी, रूपासी जयंत भट्ट संचालक हैं। यह कंपनी टी विला कैफे नाम से पूरे भारत में रेस्टारेंट का संचालन करती है। मौलिक और आयुष ने कंपनी के दोनों संचालकों से फिर संपर्क किया।  संपर्क करने पर उन्हें यह जानकारी दी गई कि उनकी कंपनी को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, झारखंड और नागपुर में टी विला कैफे खोलने के लिए फ्रेंचाइजी नियुक्त करना है। दोनों कारोबारी ने इस पर झारखंड, नागपुर में कैफे खोलने  फ्रेंचाईसी की इच्छा जताई। दोनों की मोवा स्थित कार्यालय से मिक्की पंजवानी और रूपासी भट्ट से फोन पर चर्चा भी हुई। इस दौरान उन्होंने इन कारोबारियों को कंपनी की फ्रेंचाईसी लेने के लिए एक करोड़ रुपए देने को कहा। दोनों कारोबारियों ने मिक्की और रूपासी को कंपनी का लेटर आॅफ इंटेंट रायपुर भेजने कहा, तो उन्होंने कंपनी में कुछ पैसे जमा करने पर उसकी प्रति भेजने की बात कही।

टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी संचालकों के कहने पर मौलिक और आयुष ने पहले 25-25 लाख रुपए का चेक टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मिक्की पंजवानी और रूपासी जयंत भट्ट को भेजा। इस बीच कहा गया था कि भुगतान के कुछ  दिनों बाद फ्रेंचाईसी  मिल जाएगी, लेकिन अभी कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। ऐसे में दोनों कारोबारियों ने 50-50 लाख रुपए उनके निजी खाते में जमा करा दिया। लंबे समय बाद भी फ्रेंचाईसी ना मिलने पर मौलिक और आयुष ने कंपनी को दी अपनी राशि वापस मांगी तो इन कारोबारियों के मोबाइल बंद मिले।

मौलिक और आयुष ने टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा उनसे एक करोड़ रुपए की ठगी किए जाने की शिकायत मोवा पुलिस थाने में की। मौलिक और आयुष की शिकायत पर पुलिस ने टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, तो कंपनी के दोनोंं संचालक फरार पाए गए। गुरूवाार को पुलिस को सूचना मिली कि टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक में से एक आरोपी मिक्की पंजवानी रायपुर आ रहा है। इसी सूचना के आधर पर पुलिस पहले से ही भंडारा पहुंची और मिक्की पंजवानी को अपनी हिरासत में ले लिया  लेकिन उसकी महिला साथी पार्टनर को मिक्की के पकड़े जाने की भनक लगते ही वह फरार हो गई जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में लगी है। पुलिस मिक्की पंजवानी को रिमांडपर लेकर उससे पूछताछ करेगी कि कंपनी ने फ्रेंचाईसी देने के नाम पर किन किन लोगों को अपना शिकार बनाया।

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