मध्य प्रदेशराज्य

फ्रांस विरोध: कानून व्यवस्था पर CM शिवराज की समीक्षा बैठक, नपेंगे अफसर!

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम को कानून व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई है। पिछले दिनों फ्रांस मामले को लेकर भोपाल में हुए प्रदर्शन को लेकर कुछ कार्रवाई हो सकती है।  जिसमें कई अफसरों पर गाज भी गिर सकती है। इस बैठक में भोपाल संभाग के एडीजी उपेंद्र जैन , संभागायुक्त कवींद्र  कियावत, डीआईजी इरशाद वली , कलेक्टर अविनाश लवानिया को तलब किया है।

उपचुनाव के मतदान होते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजधानी की कानून व्यवस्था को लेकर सक्रिय हो गए हैं।  उन्होंने आज कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। जिसमें वे फ्रांस में हुए आतंकी हमले के समर्थन में भोपाल में हुए प्रदर्शन को लेकर हुई लापरवाही पर सख्त एक्शन ले सकते हैं। इस प्रदर्शन पर संघ और भाजपा नेताओं ने सरकार के साथ ही भोपाल जिला प्रशासन और पुलिस पर नाराजगी जताई थी। यह नाराजगी मुख्यमंत्री तक भी पहुंची। इधर संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी आज शहर में आ रहे हैं। वे चार दिन तक रहेंगे। उनकी बैठक में यह मुद्दा न गर्माये इससे पहले सरकार इस मामले पर सख्त एक्शन ले सकती है।

ऐसा माना जा रहा है कि इससे चलते ही मुख्यमंत्री ने मतदान के समाप्त होते ही इस मामले को लेकर बैठक आज शाम चार बजे  बुलाई है। इस बैठक में भोपाल के अफसरों के साथ ही मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, अपन मुख्य सचिव गृह विभाग राजेश राजौरा, डीजीपी विवेक जौरी, एडीजी इंटेलीजेंस आदर्श कटियार भी शामिल रहेंगे।

प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन से लेकर पुलिस मुख्यालय के फेल हुए इंटेलिजेंस पर सवाल उठे थे। वहीं सीएम चौहान ने नाराजगी जताई थी कि कोविड काल में यह प्रदर्शन किसकी अनुमति से हुआ है? उन्होंने कहा है कि शांति के टापू एमपी का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके पूर्व में दिए इस बयान से साफ है कि आज की बैठक के बाद भोपाल जिला प्रशासान और पुलिस के कई अफसरों पर गाज गिर सकती है।  गौरतलब है कि भोपाल में किए गए प्रदर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की है।

सीएम चौहान आज आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को लेकर सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चर्चा करेंगे। वहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट अभियान की भी समीक्षा की जाएगी।

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