राजनीति

प्रियंका गांधी कांग्रेस की स्टार प्रचारक की भूमिका में आईं

नई दिल्ली
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बदले हुए अंदाज में हैं। अमूमन खुद को उत्तर प्रदेश या चुनिंदा जगहों पर प्रचार तक सीमित रखने वाली प्रियंका अब पार्टी की स्टार प्रचारक की भूमिका में आ गई हैं। उन्होंने असम से पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। दूसरे राज्यों में उनके कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रियंका ने ऐसे वक्त में स्टार प्रचारक की भूमिका संभाली है, जब पार्टी बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है। कांग्रेस को लगातार शिकस्त के साथ भाजपा के आक्रामक प्रचार और पार्टी के अंदर असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी से जूझना पड़ रहा है। मुश्किल घड़ी में पार्टी के लिए ढाल बनकर उभरने वाली प्रियंका की शख्सियत में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का प्रभाव झलकता है। असम चुनाव प्रचार के दौरान वह जिस अंदाज के साथ लोगों से घुल-मिल गईं, उसने लोगों को इंदिरा गांधी की याद दिला दी। बिहार प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार झा कहते हैं कि इंदिरा गांधी भी इसी अंदाज में लोगों से मिलती थीं। प्रियंका ने जब से संगठन में महासचिव के तौर पर उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली है, वह अपने भाई और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ लगातार सक्रिय हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ राहुल जब राष्ट्रपति को ज्ञापन देने गए तो प्रियंका ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और गिरफ्तार भी हुईं। यूपी के प्रभारी के तौर पर भी प्रियंका पूर्व के प्रभारी महासचिवों के मुकाबले ज्यादा सक्रिय हैं। पूर्व सीएलपी अध्यक्ष प्रदीप माथुर कहतें है कि उनके महासचिव बनने के बाद पार्टी की सक्रियता बढ़ी है। कार्यकर्ताओं के उत्साह में भी इजाफा हुआ है। कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की कवायद तेज
असम में चुनाव प्रचार के बाद दूसरे राज्यों में उनके कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रियंका के कार्यक्रमों से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यूपी में किसान पंचायत का कार्यक्रम भी चल रहा है। इसलिए, किसान पंचायत और चुनावी राज्यों में प्रचार कार्यक्रम के बीच तालमेल बैठाया जा रहा है।

दादी-पोती की होती है तुलना
प्रियंका की तुलना उनकी दादी इंदिरा गांधी से की जाती रही है। उनके भाषणों में भी इंदिरा गांधी का प्रभाव झलकता है। दादी की तरह ही प्रियंका भी ज्यादातर खादी की साड़ी पहनती हैं। उनका साड़ी पहनने का तरीका भी ठीक दादी जैसा होता है।

हर संकट में दिया साथ
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के बीच विवाद हो या पार्टी के असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी। प्रियंका हर मुश्किल में पार्टी नेतृत्व के साथ मसले को सुलझाने की कोशिश करती हैं। राहुल से बेहतरीन तालमेल-केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी इन दिनों तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। ऐसे में प्रियंका ने बेहतर तालमेल दिखाते हुए असम से चुनाव प्रचार की शुरुआत की। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि दोनों भाई-बहन के बीच अच्छा तालमेल है।

‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ पर ध्यान
प्रियंका को एहसास है कि नरम हिंदुत्व के बगैर भाजपा को शिकस्त नहीं दी जा सकती। इसलिए, वह किसी भी चुनाव कार्यक्रम से पहले मंदिर में पूजा-अर्चना करना नहीं भूलतीं। असम चुनाव में गुवाहाटी पहुंचने पर उन्होंने कामाख्या देवी मंदिर में विधिवत रूप से पूजा की।
 

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