मध्य प्रदेशराज्य

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल, दिग्गी बोले सिंधिया को देना चाहिए स्पष्टीकरण

धार
मध्य प्रदेश में उपचुनाव से ठीक पहले नेताओं की बयानबाजी और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जमकर जारी है. अब धार के बदनावर में पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के भाजपा ज्वाइन करने के लिए आए ऑफर पर दिए बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है.

सिंघार के इस बयान के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अब कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं. प्रदेश के पूर्व सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब देना चाहिए. बदनावर में एक सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उमंग सिंघार ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास थे. उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, उस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को स्पष्टीकरण देना चाहिए. ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताना चाहिए उमंग सिंघार सच बोल रहे हैं या झूठ.

इससे पहले उमंग सिंघार ने शनिवार शाम एक प्रेस वार्ता कर खुलासा किया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर दिया था. दरअसल, इस बयान के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ऑफर देने वाले का नाम सार्वजनिक करने की बात कही थी. इसी के चलते शनिवार को उमंग सिंघार ने इस बात का खुलासा किया कि उन्हें भाजपा में आने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 50 करोड़ रुपए देने का और मंत्री पद से नवाजे जाने की बात कहीं थी. उमंग सिंघार ने यह भी कहा कि मैंने उस समय सिंधिया को कहा था कि मेरे लिए सिद्धांत महत्वपूर्ण है ,पद प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण नहीं है.

सांवेर उपचुनाव में कांग्रेस ने अब ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू ने एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो केन्द्रीय चुनाव पर्यवेक्षक रुपवंत सिंह को सौंपा है. इसमें दावा किया गया है कि रात के वक्त ईवीएम की सुरक्षा के लिए कोई अधिकारी, कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड नेहरू स्टेडियम में मौजूद नहीं था. कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू, उनकी एजेंट रश्मि बौरासी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव ने रात का नेहरू स्टेडियम का वीडियो मीडिया को भी जारी किया है.

प्रेमचंद गुड्डू का कहना है कि रात में नेहरू स्टेडियम में रखी ईवीएम की सुरक्षा के लिए कोई मौजूद नहीं था. स्टेडियम के मुख्य द्वार से लेकर आगे तक सारे दरवाजे खुले हुए थे. वहां सुरक्षा के ठोस प्रबंध नहीं थे. निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे. ऐसे में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खडे़ हो रहे हैं. वहीं बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के पास सिर्फ शिकायतों के अलावा कुछ बचा नहीं है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ  ने उच्च न्यायालय का रूख कर, निर्वाचन आयोग  द्वारा उनका ‘स्टार प्रचारक’ का दर्जा रद्द किए जाने संबंधी फैसले को चुनौती दी है. चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन को लेकर कांग्रेस नेता कमलनाथ का ‘स्टार प्रचारक’ का दर्जा शुक्रवार को रद्द कर दिया था.

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