मध्य प्रदेशराज्य

पूरे प्रदेश के लिए होगा सिंगल पोर्टल, सभी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान से

भोपाल
राज्य सरकार प्रदेश की जनता के ईज आॅफ लाइफ सुनिश्चित कराएगी। सरकार इसके लिए सिंगल सिटीजन डाटाबेस तैयार कर रही है। इस डाटाबेस की सभी जानकारी एक पोर्टल तैयार कर उसमें डाली जाएगी। इससे किसी भी नागरिक को विभन्न योजनाओं के लाभ के लिए अलग-अलग स्थानों पर पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी।

प्रदेश के नागरिकों को आने वाले समय में अलग-अलग विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग पोर्टल पर पंजीयन नहीं कराना पड़ेगा बल्कि इन सभी कामों के लिए एक ही पोर्टल होगा। यहां एक बार पंजीयन कराने पर उन्हें सारे विभागों में उनकी पात्रता के अनुसार सारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

 आमजन के लिए ईज आॅफ लाईफ सुशासन लाने, उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्त कराने और उन्हें सरलता से सारी योजनाओ ंका लाभ दिलाना सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार सिंगल सिटीजन डाटाबेस तैयार कर रहा है। इसके बाद एक पोर्टल तैयार कर उस पर सारी जानकारियां डाली जाएंगी। किसी भी नागरिक को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ देने के लिए आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाएगी। हर योजना के लिए उन्हें अलग-अलग स्थानों पर पंजीयन कराने की जरुरत नहीं होगी।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सितंबर 2021 तक नागरिकों की सुविधाओं के लिए एकल कनेक्टेड डाटाबेस बनाते हुए सभी नागरिकों को सेवा प्रदाय हेतु सभी डाटाबेस को जोड़ने का काम करेगा।  सभी विभागों को नागरिकों से जुड़ी सेवाओं की सूची बनाने के लिए तीन माह का लक्ष्य दिया गया है। सारे विभागों के आंकड़े और मानक प्रारुप सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग अन्य विभागोें से लेकर एक स्थान पर संग्रहित करेगा। आंकड़ों को हर समय अद्यतन करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित की जाएगी और इसके लिए नोडल अधिकारी तय किए जाएंगे। डाटा बेस की तकनीकी संरचना बनेगी और उपयोग के लिए यह सितंबर 21 तक तैयार हो जाएगा। इसे और बेहतर बनाने के कलिए इसकी समीक्षा, फीडबैक और डाटाबेस के लाइव होंने के बाद इसके आंकड़ों की गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधित आडिट भी कराया जाएगा। यह काम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग करेगा।

एकल डाटाबेस तैयार होंने के बाद एकल पोर्टल तैयार का उसके जरिए सभी सेवाएं वितरण करने की प्रणाली विकसित की जाएगी। अगले तीन माह में विभागों से नागरिक संबंधी सेवा प्रदाय की जानकारी की सूची तैयार कराई जाएगी और अलग-अलग एप्लीकेशन के जरिए इन्हें माइग्रेट किया जाएगा। सेवा वितरण पोर्टल तैयार होंने के बाद अगले छह माह के भीतर यह पोर्टल प्रारंभ कर दी जाएगी।

सभी विभागों की योजनाओं के बारे में आम नागरिकों के सवालों का जवाब देने के लिए एक इंटेलीजेंस चैट बॉट भी तैयार किया जाएगा।  सेवाओं का लाभ इसके जरिए देने की प्रणाली विकसित की जाएगी।  इसकी मानीटरिंग, इसे और अपडेट और सुविधायुक्त बनाए जाने के लिए निरंतर कार्यवाही की जाएगी।

राशनकार्ड, मूल निवास, जाति प्रमाणपत्र, विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियां, खसरे की नकल, नकशे, भवन निर्माण अनुमतियां, ड्राइविंग लाइसेंस, विभिन्न प्रकार की अनुमतियां, लाइसेंस से लेकर आम लोगों की जरुरत की सभी सुविधाओं का लाभ इस एकल पोर्टल पर पंजीयन कराकर मिल सकेगा। सभी सुविधाओं के लिए पहले से शुल्क तय होगा और इसका भुगतान कर लोगों को लाभ मिल सकेगा। ग्राहक सहायता प्रदान करने के लिए हेल्पडेस्क का प्रावधान भी इसमें रहेगा।

सीएम हेल्पलाइन की पहुंच नागरिकों तक और आसान बनाने के लिए उसे भी इससे जोड़ा जाएगा। लोक सेवा प्रबंधन विभाग के दायरे में आने वाली सेवाओं को इससे जोड़ा जाएगा। सेवाएं लोक सेवा के पोर्टल में जोड़ी जाएंगी। सीएम सिटीजन केयर एकपी के विस्तार के लिए तकनीक का उपयोग करते हुए आईवीआरएस और व्हाटसएप को भी इससे जोड़ा जाएगा।

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