उत्तर प्रदेशराज्य

पशुपालन फर्जीवाड़ा में तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए इनाम

 लखनऊ  
पशुपालन फर्जीवाड़ा में इंदौर के व्यापारी से लाखों रुपये हड़पने के मामले में तीन आरोपियों पर डीसीपी मध्य ने 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित कर दिया है। इनमें पुलिस महकमे की काफी फजीहत करा चुके सिपाही दिलबहार सिंह यादव है। दिलबहार एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अपना तबादला कराता रहा और अफसर उसका कुछ नहीं कर सके थे। काफी हो-हल्ला होने के बाद उसे निलम्बित किया गया था। इन तीनों आरोपियों का पुलिस गैर जमानती वारन्ट पहले ही ले चुकी है। 

पीड़ित व्यापारी मंजीत सिंह भाटिया ने 13 जून को हजरतगंज कोतवाली में नौ करोड़ 72 लाख रुपये हड़पने की एफआईआर आशीष राय, अनिल राय, एके राजीव, पशुधन मंत्री जय प्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव ललित, रूपक राय और दिल बहार यादव के खिलाफ करायी थी। इनमें सात लोगों को एसटीएफ ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। इसमें अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। विवेचना में ही आईपीएस अरविन्द सेन को भी आरोपी मानकर ढूंढ़ा जाने लगा था।

इस दौरान ही विवेचक एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने 10 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। कुछ दिन पहले ही दिलबहार, अनुज मिश्र और मोंटी गूर्जर का गेर जमानती वारन्ट कोर्ट ने जारी किया है। इसके बाद ही इनके इनाम करने की संस्तुति की गई थी। डीसीपी सोमेन वर्मा ने बताया कि एसीपी गोमती नगर में तीनों आरोपियों पर इनाम घोषित करने की संस्तुति की थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। 

डीआईजी अरविन्द सेन की तलाश में दबिश

फर्जीवाड़े में फरार निलम्बित डीआईजी अरविन्द सेन की तलाश में पुलिस की एक टीम ने फिर फैजाबाद व अम्बेडकरनगर में दबिश दी। इनकी तलाश में तीन जगह दबिश दी गई पर अरविन्द सेन नहीं मिले। टीम ने अभी वहीं डेरा डाल रखा है। पुलिस अफसरों ने दावा किया कि जल्दी ही डीआईजी अरविन्द सेन का भी गैरजमानती वारन्ट लेने के लिये कोर्ट में अर्जी दी जायेगी। 

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