छत्तीसगढ़राज्य

न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने पर केंद्र सरकार के कानून की तरह चुप है राज्य सरकार का नया कृषि विधेयक

रायपुर
राज्य सरकार द्वारा विधानसभा के विशेष सत्र में पारित किए गये राज्य के कृषि विधेयक को किसान संगठनों ने निराशा जनक बताते हुए कहा कि  राज्य सकरार का यह विधयेक  न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने पर केंद्र सरकार के कानून की तरह चुप है।

छत्तीसगढ़ किसान – मजदूर महासंघ के तेजराम विद्रोही, डॉ. संकेत ठाकुर, रूपन चंद्राकर ने कहा- विधानसभा के विशेष सत्र में बहुप्रतीक्षित किसान विधेयक लाया गया लेकिन प्रदेश के लाखों किसानों की उम्मीद इस विधेयक से पूरी होती नजर नहीं आ रही है। किसान नेताओं ने कहा, यह विधेयक किसानों को बहलाने के लिए लाया गया है। किसान नेताओं ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब केंद्र सरकार कृषि उपज को पूरे देश में बेचने के लिए हर राज्य को स्वतंत्र कर चुकी है तो किस तरह से छत्तीसगढ़ इस कानून को बदलने के लिए नया कानून ला रही है। बेहतर होता कि पंजाब की तर्ज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी को लेकर एक कड़ा कानून लाया जाता, जिसमें कम से कम की खरीदी पर संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठान, कॉरपोरेट और मंडी अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान होता।

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