राजनीति

नामांकन रद्द होने के बाद फूट-फूटकर रोईं BJP की बागी नेता सुषमा साहू, कहा- सत्ता के खिलाफ चुनाव लड़ने की सजा मिली

पटना
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रही भाजपा की बागी नेता सुषमा साहू का नामांकन रद्द कर दिया गया है। नामांकन रद्द होने के बाद सुषमा साहू फूट-फूटकर रोईं। शनिवार को संवाददाता सम्मेलन कर उन्होंने कहा कि वह 14 अक्टूबर को नामांकन किया था। आज सेक्शन 364 का हवाला देकर नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि रिटर्निंग ऑफिसर के पास नामांकन स्वीकृत करने का अधिकार था। सुषमा साहू ने भाजपा के उम्मीदवार के साथ सत्ता के खिलाफ जमकर बरसा। सुषमा साहू ने कहा कि एक बनिया की बेटी होने की सजा मिली है। बनिया को सिर्फ बंधुआ वोटर माना जाता है। अगर वह बड़े बाप की बेटी और पति होते तो आज उसका नामांकन रद्द नहीं होता। वह सत्ता में परिवर्तन की बयार लाने के लिए चुनाव लड़ने जा रही थी। बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग सत्ता में रहकर पांच साल तक जनता को मुहं नहीं दिखाते हैं। सिर्फ तगड़ा मैनेजमेंट कर दोबारा सत्ता में आ जाते हैं। सत्ता से लड़ने की सजा नामांकन रद्द कर दिया गया है। यही भाजपा में कार्यकर्ता का सम्मान नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैं कोई अपराध नहीं कर रही थी, चुनाव लड़ना सबके अधिकार क्षेत्र में होता है। रोते हुए कहा कि उसने भाजपा से इस्तीफा से दे दिया है। वह रुकेगी नहीं। आगे की रणनीति खुद बनाकर लड़ाई लड़ेगी और जीतेगी। 
 

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