मध्य प्रदेशराज्य

नर्सिंग कॉलेजों की 30 फीसद फीस बढ़ोतरी की मांग को कमेटी ने की खारिज

भोपाल
फीस विनियामक कमेटी ने प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों को बढ़ा झटका दिया है। नर्सिंग कॉलेज संचालकों ने फीस में 30 फीसद बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव कमेटी को दिया था, लेकिन कमेटी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अब नर्सिंग कॉलेजों की फीस दो सालों तक यथावत रहेगी। हर साल कमेटी फीस तीन साल के लिए तय करती है। लेकिन पिछले साल प्रक्रिया पूरी होने में देरी होने से सिर्फ एक साल की फीस तय हो सकी थी। इस साल कमेटी ने प्रस्ताव मंगाकर दो साल के लिए फीस तय कर दी है। इनमें शैक्षणिक सत्र 2020-21 और 2021-22 शामिल रहेगा। अब दो साल के बाद ही इन नर्सिंग कॉलेजों की फीस तय होगा। जिन कोर्सेस में फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव कॉलेजों ने कमेटी को दिया था, उनमें बीएससी नर्सिंग, पीबी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग शामिल है।

दरअसल प्रदेश के 60 नर्सिंग कॉलेजों ने ज्यादा खर्च का हवाला देकर फीस में बढ़ोतरी का प्रस्ताव कमेटी को दिया था। इनमें राजधानी भोपाल के भी 10 कॉलेज शामिल हैं। कॉलेज संचालकों ने मांग की थी कि 30 फीसद तक उनके कॉलेज की फीस बढ़ाई जाए, जिससे वे स्टाफ को वेतन देने समेत कॉलेज का सुचारु रूप से संचालन कर सकें। इसके लिए कॉलेज संचालकों ने आय-व्यय का ब्यौरा भी कमेटी को दिया था। हालांकि कमेटी ने जब कॉलेजों का आय-व्यय का ब्यौरा देखा तो इसमें ज्यादा अंतर नहीं पाया। जिससे बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है।

अभी कुछ और कॉलेजों की फीस होनी है तय
प्रदेश में नर्सिंग के करीब 150 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें से अब तक करीब सौ कॉलेजों की फीस कमेटी तय कर चुकी है। जबकि पचास और कॉलेजों की फीस अभी तय होनी है। अब यह फीस दीपावली त्योहार के बाद ही तय हो पाएगी। इसके अलावा जिन पाठ्यक्रमों की फीस पर अभी निर्णय आना है, वो भी त्योहार के बाद ही आएगा।

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