उत्तर प्रदेशराज्य

धनंजय सिंह पर कसेगी नकेल, अपराध के जरिये कई राज्यों में बनाए फार्म हाउस

लखनऊ
पूर्व सांसद धनंजय सिंह और शूटर गिरधारी (मुठभेड़ में मारा गया) के विभिन्न राज्यों में कई फ्लैट व फार्म हाउस हैं। ईट-भठ्ठे के साथ ही कई कम्पनियां भी हैं। यूपी के कई जिलों में और भी सम्पत्तियां है। यह खुलासा जांच के बाद डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन ने गुरुवार को किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की ये सम्पत्तियां अपराध के बूते अर्जित की गई है। इनका आंकलन कर जब्त करने की कार्रवाई के लिये प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग को पत्र लिखा गया है। डीसीपी संजीव सुमन ने बताया कि धनंजय सिंह ने अपराध के बूते करोड़ों रुपये की सम्पत्ति अर्जित की है। इन सम्पत्तियों में लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर छह फ्लैट, दो फार्म हाउस, गोमतीनगर में लैब, फर्जी दस्तावेजों से बनायी गई कई कम्पनियां, दिल्ली, जौनपुर, वाराणसी, मऊ, फतेहगढ़, बाराबंकी में कई फ्लैट व मकान, पेट्रोल पम्प है। इसके अलावा धनंजय के नाम से विभिन्न स्थानों में स्टैंड, झारखण्ड में फार्म हाउस, व ईट-भठ्ठे चलते हैं। 

गिरधारी के पास भी शराब ठेके व फार्म हाउस थे 
डीसीपी के मुताबिक पिछले महीने मुठभेड़ में मारे गये गिरधारी ने भी अपराध के जरिये करोड़ों रुपये की सम्पत्ति बनायी थी। अब तक की पड़ताल में गिरधारी के पास से ईंट भठ्ठे,  आजमगढ़ व मऊ में फार्म हाउस, कई फर्जी कम्पनियां, शराब के कई ठेके और कारखाने हैं। इसके अलावा भी इन दोनों की कई सम्पत्तियों के बारे में पता किया जा रहा है। 

अजित सिंह हत्याकांड में 25 हजार का इनाम घोषित
धनंजय सिंह पर लखनऊ पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनाम का ऐलान कर दिया है। धनंजय अजीत सिंह हत्‍याकांड में वांटेड हैं। वह लगातार फरार चल रहे हैं।  बुधवार रात पुलिस ने धनंजय सिंह के चार ठिकानों पर छापा मारा लेकिन उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पूर्व सांसद छह जनवरी की रात में कठौता चौराहे पर हुए गैंगवार में मऊ मुहम्मदाबाद गोहाना के पूर्व उप ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में वांक्षित हैं। पुलिस के पास उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट है। यह वारंट जारी होने के बाद से ही वह फरार चल रहे हैं। धनंजय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लेने के बाद पुलिस कई दिन से शांत बैठी हुई थी। पर, बुधवार रात को अचानक धनंजय की तलाश में उसके कुर्सी रोड स्थित आवास, शारदा व सरस्वती अपार्टमेंट में उसके फ्लैट और उसके बेहद करीबी साथी के मालवीय नगर स्थित आवास पर ताबड़तोड़ दबिश दी गई। पुलिस ने एक बर्खास्त सिपाही के घर भी दबिश दी लेकिन धनंजय का पता नहीं चला। इस दौरान दो ठिकानों से तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इन तीनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस को अजीत सिंह हत्‍याकांड में अन्‍य तीन शूटरों रवि यादव, राजेश तोमर, शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर की भी तलाश है। वहीं खबर हैै कि एक शूटर मुस्तफा उर्फ बंटी को बागपत पुलिस ने कुछ दिन पहले उत्तराखंड से पकड़ लिया था। पर, उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि बागपत पुलिस ने अभी तक नहीं की है। 

दिल्‍ली में भी पूर्व सांसद की तलाश
इस बीच पुलिस को खबर मिली कि धनंजय सिंह दिल्‍ली के एक वकील के संपर्क में है। इस सूचना पर पुलिस की एक टीम ने दिल्ली में भी दो स्‍थानों पर दबिश दी लेकिन पूर्व सांसद हाथ नहीं लगे। अजीत के साथ मौजूद मोहर सिंह ने एफआईआर करायी थी कि आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह और अखण्ड सिंह ने गिरधारी के जरिये हत्या करवायी है। गिरधारी ने पांच शूटरों के साथ अजीत की हत्या की थी। गिरधारी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। इसके बाद ही पुलिस ने सांसद धनंजय सिंह को गिरधारी के बयान के आधार पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाया था। इसके साथ ही धनंजय पर एक घायल शूटर राजेश तोमर का लखनऊ और सुलतानपुर में इलाज कराने में मदद करने का भी आरोप है।
 

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