राष्ट्रीय

 दूसरे चरण की 94 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग, आरक्षण, पुलवामा और पाकिस्तान जैसे मुद्दे प्रचार में छाए रहे 

पटना 
बिहार के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार रविवार शाम पांच बजे थम गया. दूसरे चरण के 17 जिलों की 94 सीटों पर 3 नवंबर को होने वाले चुनाव में 1463 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. यह चरण बिहार की सत्ता की दशा और दिशा तय करने वाला है, जिसके चलते एनडीए और महागठबंधन सहित तमाम सियासी दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी. इस दौर के प्रचार में आरक्षण, पुलवामा, पाकिस्तान, 370 और सीएए-एनआरसी जैसे राष्ट्रीय मुद्दे सबसे ज्यादा हावी रहे. हालांकि, तेजस्वी यादव ने 10 लाख सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों की 50 साल में रिटायरमेंट की उम्र को समाप्त करने का नया दांव चला.

तेजस्वी ने तोड़ा पिता लालू यादव का रिकॉर्ड
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात जनसभाओं को संबोधित किया है जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन रैलियां की हैं. जेडीयू की ओर से सीएम नीतीश कुमार ने चुनावी कमान संभाल रखी थी और एक दिन में तीन से चार रैलियों कर रहे थे. वहीं, आरजेडी की तरफ से तेजस्वी यादव ने अकेले चुनावी प्रचार की कमान संभाली और एक-एक दिन में 15 से 16 रैलियां कीं और शनिवार को 19 जनसभाएं संबोधित कर अपने पिता लालू यादव के एक दिन में 17 रैलियों करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 
 
आरक्षण का मुद्दा
बिहार की राजनीति में आरक्षण ऐसा मुद्दा रहा है, जिसने 2015 के चुनाव की सियासी तस्वीर ही बदल दी थी. ऐसे में एक बार फिर दूसरे चरण के चुनाव में नीतीश कुमार ने वाल्मिकी नगर की रैली में आरक्षण का दांव खेला. नीतीश ने यहां कहा कि जिसकी जितनी आबादी हो, उसे उसी अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए. इसमें हम लोगों की कहीं से कोई दो राय नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि किसकी कितनी आबादी है यह जनगणना से ही तय हो पाएगा और आरक्षण वाला फैसला अभी उनके हाथ में नहीं है. 
 
वहीं, पीएम मोदी ने दूसरे चरण में दरभंगा से छपरा तक की रैली में आरक्षण के मुद्दे को उठाया. पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने सवर्ण गरीबों के लिए जो 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है, उसका लाभ समाज के युवाओं को मिलना तय है. इसके साथ ही सरकार ने दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े भाई बहनों के लिए आरक्षण को जो अगले 10 साल तक के लिए बढ़ा दिया है, वो भी यहां के नौजवानों के लिए लाभकारी है जबकि लोगों ने झूठ फैलाने का काम किया था कि एनडीए एससी/एसटी आरक्षण को खत्म कर देगी. 

पुलवामा और पाकिस्तान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा को लेकर भी बिहार चुनाव प्रचार में विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले पर पाकिस्तान के कबूलनामे के बाद अफवाह फैलाने वाले चेहरे बेनकाब हो गए हैं. छपरा की रैली में पीएम मोदी ने कहा कि जब देश के जवान शहीद हुए थे तो उस वक्त सत्ता एवं स्वार्थ की राजनीति करने वालों ने खूब भ्रम फैलाने की कोशिश की और ऐसे लोग आज वोट मांग रहे हैं. पीएम ने कहा कि दो-तीन दिन पहले पाकिस्तान ने पुलवामा हमले की सच्चाई को स्वीकारा है. इस सच्चाई ने उन लोगों के चेहरे से नकाब हटा दिया, जो हमले के बाद अफवाएं फैला रहे थे. ये लोग देश के दुख में दुखी नहीं थे, ये बिहार के नौजवानों के गुजर जाने पर दुखी नहीं थे. वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बिहार चुनाव में प्रतिकूल परिणाम की आशंका से अब चुनाव प्रचार में पाकिस्तान का सहारा ले रही है. कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के साथ संबंध को लेकर कई सवाल पूछे हैं. 

जम्मू-कश्मीर के 370 का मुद्दा
बिहार चुनाव में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के मुद्दे का पीएम मोदी से लेकर बीजेपी के तमाम नेता जिक्र कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि जब जम्मू कश्मीर से धारा-370 हटाई गई तब भी इन्होंने कहा कि आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी. न जाने क्या क्या बोला गया था, लेकिन घाटी से धारा 370 हटाने के बाद विरोधियों की तमाम आशंकाएं बेकार साबित हुई. पीएम मोदी ने कहा कि आज जम्मू कश्मीर और लद्दाख शांति से विकास के नए पथ पर अग्रसर हैं. घाटी में भ्रष्टाचार करने वालों को सबक सिखाने की आवाज उठ रही है.

सीएए मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष
बिहार के सीमांचल इलाके में मुस्लिम वोटों को साधने के लिए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी सीएए और एनआरसी के मुद्दे का जिक्र अपनी हर एक रैली में करते नजर आए. उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के द्वारा सीमांचल में बसे लोगों को घुसपैठिया कहा जा रहा था तो उस वक्त आरजेडी और कांग्रेस ने अपना मुंह नहीं खोला. ओवैसी ने कहा कि सीएए ऐसा कानून है जो संविधान के खिलाफ है, जो हमारे संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में सीएए पर पहली बार बयान देते हुए विपक्ष पर हमले किए. उन्होंने कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून आया तो इन्होंने (विपक्ष) झूठ फैलाया कि बहुत सारे भारतीयों की नागरिकता चली जाएगी. 

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