अंतरराष्ट्रीय

दिल्‍ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्‍तर हुआ जानलेवा

दिल्‍ली
देश की राजधानी और उसके आसपास के इलाके भयंकर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। पिछले कुछ दिनों से हवा की क्‍वालिटी 'गंभीर' कैटेगरी में बनी हुई। दिल्‍ली-एनसीआर का कोई इलाका ऐसा नहीं है जहां की हवा सहन करने लायक हो। दिल्‍ली, नोएडा, गुड़गांव और गाजियाबाद में AQI 500 के करीब पहुंच गया है। पिछले पांच दिनों से लगातार स्मॉग की मोटी परत छाए होने की वजह से अब राजधानी में सेकंडरी प्रदूषण के कण के साथ कुछ जहरीली गैसें भी बढ़ने लगी हैं। इनकी वजह से लोगों को अब कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। लोगों को सिर दर्द, आंखों में जलन, शिथिलता, जी घबराना, उल्टी, चक्कर आना जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।

नवंबर का दूसरा हफ्ता शुरू, लेकिन पराली जलाना कम नहीं
दिल्‍ली के आनंद विहार में हवा में प्रदूषण दिखाने वाला सूचकांक 480 से ज्यादा रहा। हवाओं की रफ्तार कम रहने से सोमवार और मंगलवार को भी इस जहरीले स्मॉग से राहत नहीं मिलने वाली है। रविवार को प्रदूषण में पराली के धुएं का योगदान 29% रहा। आमातौर पर नवंबर के पहले हफ्ते के बाद पराली जलाने के मामलों में कमी आने लगती है। यह महज 1000 से 1500 के आसपास सिमट जाते हैं। लेकिन इस बार पहला हफ्ता बीत जाने के बाद भी पराली के मामले 3500 से अधिक बने हुए हैं।

नोएडा में खतरनाक हवा का लगातार पांचवां दिन
हवा की रफ्तार में कमी और बढ़ती ठंड से नोएडा और ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है। दिवाली के बाद बारिश के आसार हैं, तब जाकर प्रदूषण घट सकता है। सोमवार को लगातार पांचवें दिन नोएडा और ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर रहा।

औद्योगिक नगरी की हवा में घुला जहर
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में प्रदूषण का काला साया छंटने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन बरकरार है। हवा में प्रदू‌षण कणों की अधिकता होने से लोगों को घुटन महसूस हो रही है। पिछले 5 दिन से फरीदाबाद का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 400 से ऊपर बना हुआ है।

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