अंतरराष्ट्रीय

दिल्ली में कोरोना: 11 दिन, 768 मौतें, और बढ़ सकता है खतरा

 
नई दिल्ली 

दिवाली का त्योहार करीब है और दिल्ली में कोरोना मामलों की संख्या रोजाना रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. आलम ये है कि राजधानी में पहली बार 1 दिन में 100 से ज्यादा लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो गई. इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों की वजह से बाजार की भीड़-भाड़ और ठहरा हुआ प्रदूषण दिल्ली में कोरोना के खतरे को और बढ़ा सकता है. कोरोना संकट को लेकर दिल्ली बेहद बुरे दौर से गुजर रही है. त्योहारों का मौके पर बाजारों में भीड़ दिख रही है तो अस्पताल में कोरोना के मरीजों की तादाद भी बढ़ती जा रही है. नए मामलों के साथ दिल्ली में कोरोना से मौत का आंकड़ा भी डराने लगा है. 

पहली बार 1 दिन में 104 लोगों की मौत
इससे पहले 16 जून को 93 मरीजों की मौत हुई थी
24 घंटे में 7000 से ज्यादा नए कोरोना मरीज

दिल्ली में कोरोना फुल स्पीड में है. सर्दियों के साथ कोरोना के मामलों के बढ़ने की चेतावनी दी जा चुकी थी. यही नहीं मॉल, सिनेमाघर और मेट्रो सहित तमाम सार्वजनिक परिवहन के खुल जाने के बाद लोगों से एहतियात बरतने की अपील भी होती रही. लेकिन दिवाली से पहले बाजारों में उमड़ी भीड़ बता रही है कि दिल्ली के लिए खतरा और बढ़ सकता है. 

दिल्ली के कोरोना आंकड़े

पिछले 24 घंटे में नए मामले- 7053
अब तक कुल मामले- 4,67,028
पिछले 24 घंटे में ठीक हुए मरीज- 6462
अब तक कुल ठीक हुए मरीज- 4,16,580
पिछले 24 घंटे में हुई मौत- 104
अब तक हुई कुल मौत- 7332
एक्टिव मामले- 43,116 (अब तक सबसे ज़्यादा)
पिछले 24 घंटों में हुए टेस्ट- 60,229
अब तक हुए कुल टेस्ट- 53,22,274

11 दिनों में 768 लोगों की मौत
नवंबर की शुरुआत से जब दिल्ली में प्रदूषण का जहरीला धुआं गहराने लगा, तभी से कोरोना का संकट भी फिर से बढ़ने लगा. दिल्ली में 1 नवंबर से 11 नवंबर तक  768 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. वहीं 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक दिल्ली में कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1124 था. 1 सितंबर से 30 सितंबर तक दिल्ली में 917 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी.

सितंबर के मुकाबले अगस्त में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा कम था. दिल्ली में 1 अगस्त से 31 अगस्त तक कोरोना से 458 मौतें हुईं थी. आंकड़ों पर नज़र डालें तो मौत के मामले जून के महीने सबसे अधिक दर्ज हुए थे. तब मौत की दर 7 फीसदी को पार कर गई थी और एक महीने में 2247 लोगों की मौत हुई थी.कुल मिलाकर दिल्ली के लिए आने वाले वक्त में कोरोना से निपटने की चुनौती गंभीर होने वाली है. प्रदूषण की वजह से मौत के मामले बढ़ने का खतरा है तो त्योहारों की भीड़ कोरोना संक्रमण की रफ्तार और बढ़ा सकती है. 

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