अंतरराष्ट्रीय

दिल्ली के हर चौथे व्यक्ति में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले

नई दिल्ली 
राजधानी दिल्ली में 25 फीसदी लोगों में कोरोना संक्रमण से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले हैं। दिल्ली में हालिया सिरो सर्वे में यह जानकारी सामने आयी है। यह सर्वे राजधानी के सभी जिलों में 15 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच किया गया था। इस दौरान 15,162 लोगों के सैम्पल लिए गए थे। इस सिरो सर्वे के मुताबिक राजधानी में लगभग हर चौथे व्यक्ति में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले हैं। इसका अर्थ है कि सर्वे में शामिल लगभग हर चौथा व्यक्ति कोरोना से न सिर्फ संक्रमित हो चुका है बल्कि इससे लड़ने वाले एंटीबॉडी भी उसके शरीर में मौजूद हैं। इससे पहले दिल्ली के दिल्ली के तीसरे सिरो सर्वे में भी 25.1 लोगों में ही कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले थे। इससे भी पहले जुलाई में हुए सिरो सर्वे में 22.86 फीसदी लोगों में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले थे।

सेंट्रल दिल्ली में सबसे अधिक 49.38 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले
इस सर्वे में सेंट्रल दिल्ली जिले में सबसे अधिक 49.38 फीसद, पूर्वी दिल्ली में 24.73 फीसद व दक्षिणी दिल्ली में 28.10 फीसद लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। शाहदरा जिले में 30.97 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले हैं। सबसे कम नई दिल्ली जिले में सिर्फ 19.81 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी मिले हैं।

पहले के मुकाबले एंटीबॉडी मिलने वाले लोगों की संख्या घटी
राजधानी दिल्ली में सितंबर माह में कोरोना संक्रमण को लेकर हुए तीसरे सिरो सर्वे में सिर्फ 25.1 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी मिले हैं। दिल्ली में 1 से 7 सितंबर तक तीसरा सीरो सर्वे किया गया था। इसमें दिल्ली के सभी 11 जिलों से कुल 17 हजार से ज्यादा नमूने लिए गए थे। सर्वे के जरिये यह पता लगाया जाता है कि इस समय कितने फीसदी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है। इससे दिल्ली में कोरोना की स्थिति का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया जा सकेगा।

हर्ड इम्युनिटी बहुत दूर की बात : विशेषज्ञ
एम्स के प्रोफेसर नवल विक्रम का कहना है कि लोगों में एंटीबॉडी हमेशा नहीं रहते। उन्होंने कहा कि सम्भव है लोगों में एंटीबॉडी बनने के बाद कम हो गए हों। उन्होंने कहा कि हालिया सर्वे के नतीजों को देखकर लगता है हार्ड इम्यूनिटी अभी बहुत दूर है। इसके सहारे कोरोना को नहीं हराया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते रहना चाहिए।

कम होने लगते हैं एंटीबॉडी
एम्स के प्रोफेसर नवल विक्रम का कहना है कि अभी तक एंटीबॉडी बनने यानी शरीर में कोरोना के खिलाफ कब तक लड़ने की क्षमता विकसित हुई है इस पर कई शोध हुए हैं। कुछ शोध के मुताबिक 70 से 90 दिनों तक शरीर में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी बचे हो सकते हैं। उन्होंने एक अन्य शोध के हवाले से कहा कि एंटीबॉडीज 50 से 60 दिनों में आधे हो जाते हैं। मुंबई एक एक अस्पताल में हुए एक शोध के मुताबिक कोरोना से ठीक हुए 34 लोगों पर हुए शोध में पाया गए कि एंटीबॉडी 45 से 50 दिनों में ही कम होने लगती हैं। तीन सप्ताह पहले कोरोना संक्रमित पाए गए 90% लोगों के शरीर में एंटीबॉडीज पायी गयी। वहीं पांच हफ्ते पहले संक्रमित पाए गए 38.5 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडीज पाई गई।

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