राजनीति

तेजस्वी का नौकरी दांव पर उनके समर्थकों का जोश ‘हाई’ लेकिन नीतीश के साइलेंट वोटर कर न दे ‘खेल’

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihra Vidhan Sabha Chunav 2020) की फिजा इसबार बदली-बदली सी नजर आ रही है। विकास से लेकर रोजगार पर लोग चर्चा कर रहे हैं। स्थानीय विधायकों के काम के प्रति नाराजगी लगभग हर जगह देखने को मिल रही है। इसके अलावा कोरोना काल में नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) सरकार के प्रवासियों के प्रति रुख को लेकर भी लोगों में गुस्सा है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के सरकारी नौकरी दांव से उनके समर्थकों का जोश हाई है लेकिन सीएम नीतीश कुमार के समर्थकों की चुप्पी मुकाबले को थोड़ा दिलचस्प बना रहे हैं।

12 जिले, विकास और रोजगार का मुद्दा हावी
इस संवाददाता ने राज्य के 12 जिलों में घूमकर लोगों से चुनाव पर उनकी राय पूछी और वो किस मुद्दे पर वोट देंगे। लगभग हर जगह विकास और रोजगार का मुद्दा हावी था। भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बाढ़, नालंदा, छपरा, सिवान, आरा, रोहतास, औरंगाबाद, बेगूसराय, गया जैसे जिलों में लोग राज्य सरकार के काम से नाराजगी जताते मिले। सड़क, पानी को लेकर लोग नीतीश सरकार पर गुस्सा जता रहे थे। युवाओं ने रोजगार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में युवाओं को रोजगार नहीं मिला।

तेजस्वी का रोजगार दांव पड़ेगा भारी
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी के घोषणापत्र और सभाओं में पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। तेजस्वी का इस वादे का युवाओं पर जोरदार असर दिख रहा है। उनकी सभाओं में युवाओं की उमड़ती भीड़ इस बात की तस्दीक भी कर रही है। सरकार विरोधी लहर का फायदा भी उन्हें मिल रहा है। हमने एक सभा जब एक युवा से बात की तो उन्होंने कहा कि आज के समय में रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। तेजस्वी की बातों पर हमें यकीन है।

नीतीश की योजनाएं हुईं फेल!
नीतीश सरकार की नल-जल योजना और 7 निश्चय पर केवल तेजस्वी ही नहीं बल्कि हाल में एनडीए से अलग हुए एलजेपी चीफ चिराग पासवान ने भी हमला किया है। भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय जैसे जिलों में लोगों ने बताया कि नल-जल योजना में काफी भ्रष्टाचार हुआ है और लोगों को इसका फायदा नहीं मिला है। एनडीए के सहयोगी हम के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी कहा था कि नल-जल योजना को लागू करने में भ्रष्टाचार हुआ है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा था कि इस योजना में कोई खामी नहीं है।

सरकार विरोधी लहर, NDA पर पड़ेगी भारी?
ऐसे कई जिले थे जहां नीतीश सरकार को लेकर काफी नाराजगी थी। 15 साल से सत्ता में रहने वाले नीतीश को लोग रोजगार के मुद्दे पर घेर रहे थे। इसके अलावा शराबबंदी ठीक तरीके से लागू नहीं होने पर भी राज्य सरकार निशाने पर थी। लोगों ने दावा किया कि अभी भी शराब धड़ल्ले से लोगों को मिल रही है और माफियाओं को इसका फायदा हो रहा है।

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