राजनीति

तीसरे चरण के 31% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 24% पर गंभीर केस

पटना
बिहार में तीसरे चरण की 78 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में 31 फीसदी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं तो 24 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक के मामले दर्ज है। 30 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। जबकि इस चरण में उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.47 करोड़ रुपये है। बिहार इलेक्शन वॉच एवं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सोमवार को जारी अध्ययन रिपोर्ट में ये जानकारी दी। तीसरे चरण की 78 सीटों पर कुल 1204 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनमें 1195 उम्मीदवारों के द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान दी गयी जानकारी के अध्ययन के आधार पर यह रिपोर्ट जारी की गयी है। नौ उम्मीदवारों का शपथ पत्र स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्हें अध्ययन में शामिल नहीं किया गया।

तीसरे चरण में 361 उम्मीदवार हैं करोड़पति, भाजपा के सर्वाधिक  
रिपोर्ट के अनुसार तीसरे चरण में 361 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इनमें भाजपा के सर्वाधिक  34 में 31 (91 फीसदी) उम्मीदवार करोड़पति हैं। जबकि कांग्रेस के 25 में 17 ( 68 फीसदी), राजद के 44 में 35 (80 फीसदी), जदयू के 37 में 30 (81 फीसदी), लोजपा के 42 में 31 (4 फीसदी) और बसपा के 19 में 10 (53 फीसदी) उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, दलवार उम्मीदवारों के औसतन संपत्ति में कांग्रेस के 25 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.57 करोड़, जदयू के 37 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.31 करोड़, राजद के 44 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.79 करोड़, लोजपा के 42 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.14 करोड़, भाजपा के 34 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.86 करोड़, बसपा के 19 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.36 करोड़ रुपये है।

रालोसपा के बीके सिंह के पास है सर्वाधिक 85.89 करोड़ की संपत्ति
रालोसपा के वारिसनगर से उम्मीदवार बीके सिंह के पास सर्वाधिक 85.89 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। जबकि दूसरे स्थान पर राजद के मोतिहारी से उम्मीदवार ओमप्रकाश चौधरी के पास 45.37 करोड़ और तीसरे स्थान पर निर्दलीय दरभंगा से प्रत्याशी शंकर कुमार झा के पास 32.19 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है।

भाजपा व कांग्रेस के 76-76 फीसदी उम्मीदवारों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले
तीसरे चरण में भाजपा व कांग्रेस के 76-76 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि राजद के 73 फीसदी, लोजपा के 43 फीसदी, जदयू के 57 फीसदी, बसपा के 26 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, भाजपा के सर्वाधिक 65 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जबकि राजद के 50 फीसदी, कांग्रेस के 56 फीसदी, लोजपा के 26 फीसदी, जदयू के 30 फीसदी, बसपा के 21 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं।

37 उम्मीदवारों पर है महिला अत्याचार के मामले
37 उम्मीदवारों ने इस चरण में महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले दर्ज होने की घोषणा की है, इनमें पांच उम्मीदवारों के उपर दुष्कर्म के मामले भी दर्ज हैं। वहीं, 20 उम्मीदवारों पर हत्या के आरोप और 73 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास के आरोपों की जानकारी दी है। तीसरे चरण में 78 में 72 निर्वाचन क्षेत्र (92 फीसदी) संवेदनशील हैं।

126 साक्षर उम्मीदवार चुनाव मैदान में
रिपोर्ट के अनुसार तीसरे चरण में 126 साक्षर उम्मीदवार हैं तो 499 उम्मीदवार पांचवीं से 12 वीं के बीच की शिक्षा प्राप्त हैं। पांच उम्मीदवार असाक्षर तो 12 उम्मीदवार डिप्लोमाधारक हैं।

45 फीसदी उम्मीदवारों की औसत आयु 25 से 40 वर्ष के हैं
तीसरे चरण में 45 फीसदी उम्मीदवार (538 उम्मीदवार) 25 से 40 वर्ष की उम्र के हैं। वहीं, 45 फीसदी उम्मीदवार (534 उम्मीदवार ) की आयु 40 से 60 वर्ष है। 123 (10 फीसदी) उम्मीदवार 61 से 80 वर्ष की आयु के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। वहीं, 110 महिला उम्मीदवार (9 फीसदी) चुनाव मैदान में हैं।

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