मध्य प्रदेशराज्य

टाइगर स्टेट के तमगे पर खतरे के बीच फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की सुस्त चाल

भोपाल
बांधवगढ़ में 10 अक्टूबर को हुई बाघ के दो शावकों की मौत के 15 दिन बाद वनविभाग जागा है। बाघ शावकों की मौत के पहले भी एक मादा बाघिन का शव जंगल में मिला था।  बाघों की मौत से प्रदेश के टाइगर स्टेट के तमगे को खतरा है। बाघों की लगातार मौत के बाद अब वन विभाग ने जानकारियां जुटाना शुरू किया है। हाल ही पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ आलोक कुमार ने बांधवगढ़ का निरीक्षण किया। बांधवगढ़ के बफर जोन में बसे गांवों को सिर्फ बाघों से ही खतरा नहीं है, बल्कि यहां जंगली हाथियों ने भी ग्रामीणों में दहशत भर रखी है। बावजूद इसके वनविभाग का रवैया इस ओर सुस्त नजर आ रहा है।

बांधवगढ़ में बफर जोन के महावन सहित दर्जनों गांव में इनदिनों बाघों के साथ ही जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। दहशत से घरों में ही लोग दुबक गए हैं। जंगली हाथियों के आतंक से परेशान बफर एरिया का महावन इकलौता गांव नहीं है, जहां ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो। बल्कि सेहरा, पिपरिया, बिलाईकाप ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां कभी हाथी तो कभी बाघ की दस्तक ग्रामीणों की नींद भी उड़ी हुई है। आलम ये हो गया है कि किसानों की फसल तबाह तो है ही, कई बार बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों को घरों में दुबकना पड़ता है।

 

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