छत्तीसगढ़राज्य

जिला चिकित्सालय पंडरी और मिशन हॉस्पिटल तिल्दा में स्वास्थ्यकर्मियों को लगा कोरोना वैक्सीन

रायपुर
विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम के पहले दिन रायपुर जिले के हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड- 19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाया जा रहा है। वैक्सीनेशन के लिए जिला अस्पताल पंडरी और मिशन हास्पिटल ,तिल्दा में स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगाया गया।

जिला चिकित्सालय पंडरी में पहले वार्ड बॉय हेमंत दुबे तथा सफाई कर्मी चितरु ठापर को दूसरे नंबर पर कोरोना का टीका लगाया गया। वार्ड बॉय हेमंत दुबे ने कहा क कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए यह टीका जरूरी है। डर के जीने से अब मुक्ति मिलेगी। टीका लगने से अब इस बीमारी से मुक्ति मिलेगी तथा जीवन सुरक्षित होगा। टीका लगने बाद भी कोरोना से सुरक्षा के लिए अपनाएं जाने वाले नियमों का पालन करना होगा। इसी तरह सफाईकर्मी चितरु ठापर ने कहा कि मरीजों के उपयोग किये गए सामानों की सफाई करने से मन में डर लग रहता था कि कहीं हम भी कोरोना के चपेट में न आ जाये, अब टीका लगने से मुझेऔर मेरे परिवार को सुरक्षा मिलेगा। इस टीका का दो डोज लगेगा ,जिससे इस भयंकर महामारी से मुक्ति मिलेगी।

जिला चिकित्सालय ,पंडरी की लेडी हेल्थ सुपरवाइजर श्रीमती सावित्री चौबे ने बताया कि वह आगामी महीने सेवानिवृत्त होने वाली है। कोरोना काल में वह भी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। होम आइसोलेशन के दौरान बीमारी के कारण अकेले रहने की पीड़ा को अच्छे से समझती हूं। कोरोना के टीका लगने से अब इस बीमारी से बचा जा सकता है। इसी तरह जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र की डॉ ललिता साहू ने कहा कि कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। इससे लोगों को डरना नहीं चाहिए। पिछले पूरे साल हम सभी ने कोरोना वायरस के बीच कार्य किया है।कोरोना से संक्रमित होने का भय हमेशा बना रहता था।अब टीका लगने से लोगों को अपने मन से भय निकलना चाहिए।

मिशन हॉस्पिटल, तिल्दा में भी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए आज टीका लगाया गया।मिशन हॉस्पिटल के डॉ आशीष कुमार सिंह ने टीका लगने के बाद कहा कि इससे लोगों को बीमारी से बचाया जा सकेगा। टीका लगने के बाद मास्क पहनना,लगातार साबुन से हाथ धोना तथा दो गज की दूरी के नियम का पालन नियमित रूप से करना पड़ेगा। टीका का दो डोज जरूरी है,तभी सुरक्षा पूरी होगी। यहाँ टीका लगने के बाद शासन द्वारा जारी निदेर्शो का अक्षरश: पालन किया जा रहा है। इसी तरह डॉ उमा पैकरा ने कहा कि डर के बीच जीने की घड़ी अब खत्म हो गयी है। टीका लगने से जीवन सुरक्षित होगा। लोगों को अब न बीमारी से और न ही टीका के भय से डरने की जरूरत है। यह टीका सबसे पहले कोरोना मरीजों की इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को लगाया जा रहा है। उसके बाद कोरोना संक्रमित लोगों की सुरक्षा के लिए आगे आने वाले लोगो को यह टीका लगाया जाएगा। मेडिकल प्रोटोकाल के अनुसार सुरिक्ष्रत टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के संबध में लोगो को जागरूक किया जा रहा हैं।

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