छत्तीसगढ़राज्य

जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक में 12 करोड़ 84 लाख से अधिक राशि की विकास और निर्माण कार्यो का अनुमोदन

मुंगेली
प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्टोरेट स्थित स्वान कक्ष में जिला खनिज न्यास संस्थान के शासी परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक विडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। जिले के प्रभारी मंत्री सिंह देव की अध्यक्षता में आयोजित शासी परिषद की बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास के तहत 12 करोड़ 84 लाख 30 हजार रूपये की राशि के उच्च प्राथमिकता और अन्य प्राथमिकता के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यो का अनुमोदन किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री सिंहदेव के निवास कार्यालय में आयोजित विडियों कांफं्रेसिंग में कलेक्टर पी.एस.एल्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नुपूर राशि पन्ना तथा जिला कलेक्टोरेट स्थित स्वान कक्ष से शासी परिषद के पदेन सदस्य जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती लेखनी सोनू चंद्राकर और लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मजीत सिंह, शासी परिषद के सदस्य श्रीमती अंबालिका साहू के अलावा जिले के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुजूर, वन मण्डलाधिकारी आर.एस. दुग्गा, अपर कलेक्टर राजेश नसीने सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने शासी परिषद के सभी सदस्यों को दशहरा और दीपवाली पर्व की बधाई देते हुए कहा कि जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 12 करोड़ 84 लाख 30 हजार रूपये की विकास एवं निर्माण कर्यो का अनुमोदन किया गया है। इस राशि से खनिज प्रभावित क्षेत्रों का समन्वित विकास होगा जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होेंने कहा कि पूर्व में जिले में खनन गतिविधियों से प्रभावित 20 गांवों को ही शामिल किया गया था अब और खनन गतिविधियों से प्रभावित 45 नवीन गांवों को भी शामिल किया गया है। इन गांवों में विकासखण्ड मुंगेली के ग्राम दुलहीनबाय, रेंहुटा, संगवाकापा, बरईदरहा, फंदवानी, विकासखण्ड लोरमी के ग्राम ढोलगी, लपटी, बुधवारा, पेण्ड्रीतालाब, नवागांव वेंकट, महरपुर, डोंगरिया, उरईकछार, बधनीभांवर, कोदवामहंत, लाखासार, बांधी, बधर्रा, छिंदपुरा, घानाघाट, रहंगी, सेमरिया, डिंडौल और विकासखण्ड पथरिया के ग्राम रामबोड़, सलफा, ककेड़ी, लोहदा, उमरिया, खपरी स, सांवा, धूमा, बारगांव, दरूवनकापा, ठेलकी, बासीन, मदकू, गंधीरवाडीह, बरछा, पूंछेली, खपरी (लौदा), अमलडीहा, नगपुरा, सांवतपुर, चुनचुनिया और मोतिमपुर शामिल है। उन्होनें कहा कि आगामी वर्षो में इन गांवों का भी समुचित विकास होगा। इस अवसर पर शासी परिषद के सदस्यों ने अनुमोदित विकास और निर्माण कार्यो के अलावा अन्य विकास और निर्माण कार्यो की भी मांग की। जिसे प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने गंभीरता से लिया और उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही।

बैठक में कलेक्टर एवं शासी परिषद के पदेन सदस्य सचिव एल्मा ने बताया कि उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र 60 प्रतिशत के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, पर्यावरन संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वृद्ध और निशक्तजन कल्याण, कौषल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्र 40 प्रतिशत के अंतर्गत भौतिक अधोसंरचना सिंचाई, ऊर्जा और जल विभाजक विकास सहित अन्य कार्यो का अनुमोदन किया गया, जिसका खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समन्वित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस अवसर पर कलेक्टर एल्मा ने कहा कि जिले के प्रभारी मंत्री सिंहदेव का विपरीत परिस्थिति में भी शासी परिषद की बैठक में शामिल होना उनके जिले के प्रति लगाव और विकास को दर्शाता हैै। इसके लिए उन्होंने प्रभारी मंत्री सिंहदेव और बैठक में शामिल होने वाले शासी परिषद के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।

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