छत्तीसगढ़राज्य

जाना है बीजापुर, तो रोको शराब का अवैध कारोबार

रायपुर
शराब का अवैध कारोबार को लेकर आ रहे लगातार मामलों से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू खासे नाराज थे,पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उन्होने सीधे पुलिस प्रमुख से सवाल किया था कि आखिर पुलिस कर क्या रही है? हालांकि पुलिसिया अभियान पिछले कुछ दिनों से नशे के खिलाफ सख्त हुआ है लेकिन लंबे अरसे से चले रहे नेटवर्क को रोक पाना संभव नहीं हो रहा था। इसलिए पुलिस प्रमुख ने समीक्षा बैठक में आला अधिकारियों की मौजदूगी में दो टूक फरमान जारी कर दिया कि जहां पर भी शराब का अवैध मामला पकड़ा गया,वहां टीआई तो सस्पेंड होगा ही सीधे बीजापुर भेजा जायेगा मतलब जैसे बोलचाल में विभागीय तौर पर कहा जाता रहा है कि सजा के तौर पर चलो नक्सल क्षेत्र। जहां कोई जाना नहीं चाहता। शायद पुलिस प्रमुख को यह ब्रम्हास्त्र कारगर लगा इसलिए उनके कड़क चेतावनी के बाद पुलिस महकमे के कान खड़े हो गए हैं। कहीं उनका नंबर न लग जाए। आज दो दिन से बस यही चर्चा हो रही है।

गौरतलब है कि बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में डीजीपी अवस्थी ने गहरी नाराजगी जाहिर की थी। कहा था कि सीधे टीआई की जवाबदेही बनेगी,सस्पेंड ही नहीं होंगे सीधे बीजापुर भेजे जायेंगे। साथ ही विभागीय जांच भी कराई जाएगी। इसके अलावा जितनी बार अवैध शराब पकड़ी जाएगी, उतनी बार एसपी के सीआर में डीजीपी अप्रसन्नता (नेगेटिव कमेंट) लिखेंगे। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपराध की समीक्षा करते हुए डीजीपी अवस्थी ने सख्त लहजे में अफसरों से कहा कि वे अवैध शराब के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खासतौर पर राजनांदगांव, कवर्धा और मुंगेली जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके यहां दूसरे राज्य से शराब नहीं आनी चाहिए। डीजीपी ने यह भी कहा कि वे किसी को नहीं बख्शेंगे। हाल में एक डीएसपी और टीआई के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने आईजी इंटेलीजेंस से कहा कि अवैध शराब के संबंध में सूचनाएं दें। ऐसी सूचना मिलने पर मुख्यालय से उडऩदस्ता भेजकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का खौफ अवैध शराब और नशे के कारोबार से संलिप्त लोगों पर साफ तौर पर दिखना ही नहीं चाहिए बल्कि होना ही नहीं। देखना है पुलिस प्रमुख की चेतावनी का विभाग पर कितना असर होता है?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close