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कोरोना वायरस: तीसरे चरण में वैक्सीन 90% सफल, अमेरिकी कंपनी फाइजर का दावा

 
अमेरिका

अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर और उसकी जर्मनी की पार्टनर कंपनी BioNTech SE का दावा है कि कोरोना वायरस वैक्सीन तीसरे चरण के ट्रायल में 90 फीसदी प्रभावी है. कोरोना काल में यह दो कंपनियां पहली ऐसी कंपनी हैं जिन्होंने वैक्सीन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और सफल परिणाम का आंकड़ा पेश किया है.

नवंबर के तीसरे सप्ताह में वैक्सीन के और प्रभावी परिणाम के आसार हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइजर आपात स्थिति में कोरोना की यह वैक्सीन इस्तेमाल किए जाने की अनुमति के लिए आवेदन करने की तैयारी में है. अमेरिका में कोरोना की वैक्सीन के लेटेस्ट ट्रायल की दौड़ में लगी दस बड़ी कंपनियों में इन दो कंपनियों का भी नाम शामिल है. वहीं चार अन्य कंपनियां को लेकर शोध भी जारी है.

वैक्सीन के इस्तेमाल के बार जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों को दी गई यह वैक्सीन कोरोना को रोकने में 90 फीसदी से ज्यादा प्रभावी नजर आई. इस ट्रायल में कोरोना के 94 मामलों की पुष्टि की गई. इस स्टडी में 43,538 प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें से 42 प्रतिशत ऐसे लोग थे जिन्होंने कोरोना वायस के लिहाज से ज्यादा एहतियात नहीं बरते थे. इस संबंध में और आंकड़े जुटाए जाने बाकी हैं. 164 कोरोना संक्रमितों पर क्लिनिकल ट्रायल किया जाना बाकी है, जिससे कि अन्य मानकों पर भी वैक्सीन के प्रभाव का आकलन किया जा सके.

फाइजर के अध्यक्ष और सीईओ डॉ अल्बर्ट बोरला ने कहा कि यह विज्ञान और मानवता के लिए बड़ा दिन है. तीसरे चरण के ट्रायल के परिणामों के पहले सेट से यह स्पष्ट होने लगा है कि कोरोना वायरस से लड़ने में हमारी वैक्सीन कारगर है. हम वैक्सीन तलाशने में नया आयाम स्थापित कर रहे हैं. यह समय ऐसा है जब कोरोना वायरस वैक्सीन की जरूरत पूरे विश्व को है.
 
बता दें कि कोरोना वैक्सीन BNT162b2 के तीसरे चरण का  क्लीनिकल परीक्षण 27 जुलाई से शुरू हुआ और अब तक 43,538 प्रतिभागी इसमें शामिल रहे हैं. इनमें से 38,955 को 8 नवंबर 2020 तक वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई है. इनमें 42% वैश्विक और 30% अमेरिकी प्रतिभागी हैं.

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