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कोरोना: देश में कोरोना वायरस का कहर जारी, यूपी-पंजाब में आज से खुलेंगे स्कूल 

 
नई दिल्ली 

 देश में कोरोना वायरस महामारी का कहर थमा नहीं है. देश में हर रोज कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है. इस बीच देश के कई हिस्सों में कई महीनों के बाद आज से स्कूल खुलने जा रहे हैं. इस दौरान स्कूलों को कोरोना वायरस से जुड़ी गाइडलाइन का पालन भी करना होगा. कोरोना वायरस के संकट के कारण देश में लॉकडाउन लागू किया गया था. जिसके बाद अब देश में अनलॉक की प्रक्रिया जारी है. इस अनलॉक की प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार ने राज्यों को स्कूल खोले जाने की अनुमति भी दी है, जिसके चलते कई राज्यों ने 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने का फैसला किया था तो वहीं कई राज्य आज 19 अक्टूबर से स्कूल खोल रहे हैं. देश में आज से उत्तर प्रदेश, पंजाब और सिक्किम जैसे राज्यों में स्कूल खुलेंगे. वहीं स्कूल खोलने को लेकर राज्य सरकारों ने गाइडलाइन भी तैयार की है, जिनका पालन कोरोना संकट के बीच किया जाना होगा. आज से पंजाब में कंटेनमेंट जोन से बाहर की 9-12 तक की कक्षाओं को खोला जाएगा.
 
वहीं उत्तर प्रदेश में भी आज से स्कूल खुलेंगे. कोरोना महामारी के मद्देनजर छह महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए यूपी में स्कूल खुलेंगे. उत्तर प्रदेश में अभ‍िभावकों की अनुमत‍ि से ही बच्चे स्कूल में आ सकेंगे. इसके अलावा सिक्किम में भी स्कूलों को आज से खोला जाएगा. सिक्किम में वर्तमान शैक्षणिक सत्र फरवरी तक समाप्त हो जाएगा.

क्या है गाइडलाइन?
फर्नीचर, स्टेशनरी, कैंटीन, लैब के साथ ही पूरे परिसर और क्लास रूम को रोज सैनिटाइज करना होगा. एक क्लास में एक दिन में 50 फीसदी बच्चे ही बैठेंगे. दूसरे दिन बाकी के बच्चों की पढ़ाई होगी. दो स्टूडेंट्स के बीच 6 फीट की दूरी अनिवार्य होगी. इसके अलावा सबसे सख्त नियम ये है कि कोई भी स्टूडेंट अपने अभ‍िभावक की ब‍िना ल‍िख‍ित अनुमत‍ि के स्कूल नहीं आ सकेगा. इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा. कोशिश ये रहेगी कि अभिभावक खुद बच्चे को लाएं और लेकर जाएं. बच्चे को यूनिफार्म में फुल आस्तीन की शर्ट, फुल पैंट और जूते-मोजे पहनना जरूरी होगा. गाइडलाइंस का पालन बहुत अनिवार्य होगा. क्लासरूम में मास्क उतारने की अनुमति नहीं होगी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन में कहा गया है कि स्कूलों की तरफ से स्टूडेंट्स पर कक्षाओं में आने के लिए कोई दबाव नहीं डाला जाएगा. यहां तक कि स्कूल जाने के लिए छात्रों को अभिभावकों की लिखित अनुमति को सबसे जरूरी माना गया है. इसके अलावा स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह जारी रख सकेंगे.

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