राष्ट्रीय

कोरोना के खिलाफ लापरवाही पड़ेगी भारी, केरल, पश्चिम बंगाल और दिल्ली तीसरे पीक की ओर बढ़ रहे: सरकार

नई दिल्ली
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण उतार की तरफ दिख रहा है लेकिन सरकार ने लोगों से त्योहारी सीजन में किसी भी तरह की कोताही के खिलाफ आगाह किया है। कोरोना का खतरा कितना बड़ा है इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि अब भारत के भी कुछ राज्य संक्रमण की तीसरी लहर की ओर बढ़ रहे हैं। नीति आयोग के सदस्य वीके पाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केरल, पश्चिम बंगाल और दिल्ली कोरोना संक्रमण के तीसरे पीक की तरफ बढ़ रहे हैं।

'तीसरे पीक की तरफ बढ़ना चिंता की बात'
पाल ने कहा कि भारत में कोरोना महामारी 'ढलान पर और नियंत्रण में' है लेकिन उन्होंने साथ में आगाह भी किया कि हम लापरवाह नहीं हो सकते, हमें सतर्क बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि केरल, पश्चिम बंगाल और दिल्ली तीसरे पीक की तरफ बढ़ रहे हैं जो चिंता की बात है। पाल ने कहा कि अगर कोरोना को रोकने वाले एहतियातों का सही से पालन नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और ज्यादा चुनौतियां आ सकती हैं। उन्होंने सभी से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और हाथ की सफाई को जारी रखने की अपील की।

त्योहारों के मौसम में और सतर्कता की जरूरत: स्वास्थ्य मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को अपनी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि त्योहारों के मौसम में केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'मास्क पहनना, नियमित हाथ धोना और आपस में दूरी बनाकर रखना महत्वपूर्ण है। हमने पाया है कि त्योहारों के मौसम में केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं और इसलिए इन नियमों का पालन करना और अधिक महत्वपूर्ण है।'

नई मौतों के 58% मामले 5 राज्यों से
भूषण ने कहा कि पिछले 24 घंटे में देश में कोविड-19 से मृत्यु के 58 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक से आए हैं। उन्होंने कहा कि इस अवधि में आए कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में 49.4 प्रतिशत केरल (4,287), पश्चिम बंगाल (4,121), महाराष्ट्र (3,645), कर्नाटक (3,130) और दिल्ली (2,832) से थे।

केंद्र ने राज्यों में भेजी हैं टीमें
भूषण ने कहा, 'हम इन राज्यों के साथ संपर्क में हैं। हमने इन राज्यों में अपने दलों को भी भेजा है। कुछ दल लौट रहे हैं, वहीं कुछ अन्य अब भी राज्यों में हैं। उनकी रिपोर्ट जमा होने के बाद हम फिर से राज्यों से बात करेंगे और उन्हें बताएंगे कि अगर जरूरी हुए तो कोविड-19 से निपटने की रणनीति में क्या बदलाव लाए जाने चाहिए।' उन्होंने कहा, 'हमने एक दिन पहले ही केरल, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से बात की है और इस सप्ताह महाराष्ट्र से बात करेंगे और रणनीति तैयार करेंगे।'

दिल्ली में एक दिन में आए सबसे ज्यादा केस
दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस के एक दिन में सर्वाधिक 4,853 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही संक्रमण के मामले बढ़कर 3.64 लाख से अधिक हो गए। दिल्ली सरकार ने इस संबंध में आंकड़े जारी किए। इसके पहले 16 सितंबर को दिल्ली में एक दिन में संक्रमण के सर्वाधिक 4,473 नए मामले सामने आए थे।

महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में देश के 48.57% केस
हालांकि उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि राजधानी में संक्रमण के दैनिक मामलों की दर 8.06 प्रतिशत और साप्ताहिक पुष्ट मामलों की दर सात प्रतिशत है और इन दोनों चीजों को क्रमिक तरीके से देखना होगा। भूषण ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में देश के कुल कोविड-19 के मामलों के 48.57 प्रतिशत मामले हैं, वहीं 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में देश के कुल मामलों के 78 प्रतिशत मामले हैं।

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