बिज़नेस

कोरोना की दूसरी लहर से वाहन कंपनियां में संकट 

नई दिल्ली 
कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से वाहन कंपनियों को संकट में ला दिया है। राज्य सरकारों द्वारा संक्रमण रोकने के लिए लागए जा रहे लॉकडाउन से गाड़ियों की बिक्री औैर उत्पादन पर गहरा असर हुआ है। अप्रैल महीने में बिक्री और उत्पादन दोनों में बड़ी गिरावट आने की आशंका है।

एनिग्मा ऑटोमोबाइल्स के को-फाउंडर, अनमोल बोहरे ने हिन्दुस्तान को बताया कोरोना की दूसरी लहर से गाड़ियों के उत्पादन पर बहुत ही बुरा असर हुआ है। वजह यह है कि कई शहरों में लॉकडाउन लगने से जरूरी पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। वहीं, काम करने वाले लोग डरे हुए हैं। इसके साथ ही माल ढुलाई भी प्रभावित हुई है। जहां तक बिक्री की बात है तो जिस तरह से संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो लोगों की पहली प्राथमिकता अपनी जिंदगी को बचना हो गया है। इसका असर सीधे बिक्री पर पड़ना तय है। अप्रैल महीने में गाड़ियों की बिक्री में बड़ी गिरावट आना तय है।
 
हीरो मोटोकॉर्प की ओर से कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता कोरोना से लोगों की सुरक्षा है। इसी को ध्यान में रखकर हमने देशभर के अपने सभी प्लांट बंद 22 अप्रैल से 1 मई तक बंद कर दिए हैं। बंद प्लांट में ग्लोबल पार्ट्स सेंटर (जीपीसी) भी शामिल है। इसके साथ कॉरपोरेट ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। वहीं, टाटा मोटर्स ने भी पुणे स्थित सभी विनिर्माण संयंत्रों को 30 अप्रैल तक बंद कर दिया है।
 
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपाध्यक्ष, नवीन सोनी ने हिन्दुस्तान को बताया कि स्थानीय लॉकडाउन ने नए ऑर्डर और डिलीवरी को काफी हद तक प्रभावित किया है। हालांकि, इसका कुल बिक्री पर कितना असर होगा हम इस महीने के अंत तक ही बता पाएंगे। वहीं, गाड़ियों के उत्पादन पर दूसरी लहर का असर कम से कम हो इसके लिए हम डबल शिफ्ट में काम कर रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद काम को मौनेज करने में परेशानी आ रही है।

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