उत्तर प्रदेशराज्य

कोरोना काल को देखते हुए इम्युनिटी बढ़ाने वाले  खानपान को मेन्यू में विशेष जगह दी गई 

रानीगंज (बलिया)।  
पूरब के शादी समारोहों में अब पंचमेल साग के साथ नवरत्न दाल परोसी जाएगी। कोरोना काल को देखते हुए इम्युनिटी बढ़ाने वाले  खानपान को मेन्यू में विशेष जगह दी गई है। विटामिन, आयरन, एंटी-ऑक्सीडेंट्स युक्त पांच प्रमुख सागों से जहां पंचमेल साग तैयार होगा वहीं प्रोटीन, कैल्शियम-मैग्नीशियम और फाइबर युक्त नौ दालों से नवरत्न दाल बनाई जाएगी। इतना ही नहीं पेय पदार्थों से लेकर स्वीट डिश तक में चयन में इम्युनिटी बढ़ाने पर खास ध्यान रखा जा रहा है। एक आंकड़े के अनुसार नवंबर-दिसंबर में होने वाली शादियों में ऐसे व्यंजनों की मांग सबसे ज्यादा है। कोरोना काल में लोगों ने न सिर्फ परंपराओं के प्रति भरोसा जताया है, बल्कि चटपटे की जगह पौष्टिक आहार को तरजीह देनी शुरू कर दी है।

इसे  देखते हुए खाना बनानेवाले कारीगरों ने शादी समारोहों के मेन्यू में बदलाव करते हुए इम्युनिटी बढ़ाने वाले व्यंजनों को शामिल कर लिया है। सर्दी का मौसम होने के कारण साग और सभी दालों को खास जगह दी गई है। वैवाहिक समारोहों में खाना बनानेवाले बलिया के कारीगरों का कहना है कि शादी-विवाह तथा अन्य पार्टियों के लिए इम्युनिटी बढ़ाने वाले व्यंजनों पर जोर दिया जाने लगा है लिहाजा हमने उसी के अनुरूप तैयारी की है। पंचमेल साग में चौराई, बथुआ, चना, पालक व सरसों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं नवरत्न दाल में चना, उरद, खड़ा उरद, मूंग, मसूर, अरहर, कुलथी, बोकला और मटर होती है। 

क्यों बढ़ी पंचमेल साग की मांग
मिक्स साग सेहत के लिए काफी लाभदायक है। औषधीय गुणों वाले चौराई में जहां विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आयरनयुक्त बथुआ पाचनशक्ति बढ़ाता है। एंटी ऑक्सीडेंट्स पालक संक्रमण को रोकता है तो प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट युक्त चने के साग से ताकत मिलती है। यही नहीं हड्डियों को मजबूत करने के साथ पालक वजन को नियंत्रित करता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है नवरत्न दाल
बलिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटवा के चिकित्सक डा. गणेश यादव का  कहना है कि नौ दलों के मिश्रण से तैयार नवरत्न दाल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। स्वाद और सेहत के हिसाब से उपयुक्त नवरत्न दाल में चना, उड़द दाल, छिलके वाला खड़ा उड़द , मूंग, मसूर, अरहर, कुलथी, बोकला और मटर का इस्तेमाल किया जाता है। सभी प्रकार के विटामिन से युक्त मूंग दाल सुपाच्य होती है। उड़द की तासीर गर्म होती है। इसे शक्तिवर्द्धक और कफ पित्तवर्धक माना जाता है। आयरन युक्त चना दाल हीमोग्लोबिन बढ़ाती है। प्रोटीन और कैल्शियम युक्त कुलथी मधुमेह और पथरी में राहत देने के साथ ही सर्दी से भी बचाती है। फाइबर युक्त मसूर भी सेहत के लिए फायदेमंद है। स्वादिष्ट अरहर में जहां कैलोरी बहुत कम होती है वहीं अवसाद से बोकला बचाता है। फाइबर युक्त मटर दाल वजन को नियंत्रित करता है।

चुकंदर का काढ़ा और गुड़ के रसगुल्ले
मेन्यू में दर्ज पेय पदार्थ और स्वीट डिश में भी सेहत का ध्यान रखा है। अब चीनी के बजाय इम्युनिटी बढ़ाने के लिए गुड़ के रसगुल्ले परोसे जाएंगे। गुड़ जहां गर्म होता है वहीं इसमें विटामिन और मिनरल्स के साथ भरपूर मात्रा में कैलोरी होती है। यहीं नहीं अब चाय कॉफी की जगह गाजर, अनार, चुकंदर के सूप को पेय पदार्थ के रूप में परोसने की तैयारी है। वहीं लहसुन, अदरक व आंवला की चटनी भी रखी जाएगी। कारीगर  शिवशंकर का कहना है कि पूड़ी के साथ मोटे अनाज की रोटी की डिमांड सबसे ज्यादा है। पिछले साल तक पूड़ी-कचौड़ी व तंदूरी रोटी ही प्रचलन में था जबकि इस बार मक्का और बाजरे की रोटी की मांग ज्यादा है।

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