राष्ट्रीय

कैबिनेट की बैठक में 3 अहम फैसले लिए गए

नई दिल्ली

आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट और CCEA  की बैठक में तीन अहम फैसले लिए गए। इन तीनों में से दो फैसलों के जरिए किसानों को बड़ी राहत दी गई है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि इस बैठक का केंद्र बिंदु किसान ही रहा। सरकार ने ना सिर्फ किसानों की आमदनी के बारे में सोचा, बल्कि उनके भविष्य को भी ध्यान में रखते हुए कुछ फैसले किए। ये फैसले लेते वक्त आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी ध्यान में रखा गया। आइए जानते हैं मोदी सरकार ने कौन से 3 फैसले लिए हैं।

1- सरकार ने बढ़ाई एथेनॉल की कीमत
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि एथेनॉल की कीमतों में 5 से 8 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। शुगर से बनने वाले एथेनॉल की कीमत 62.65 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 59.48 रुपये प्रति लीटर थी। वहीं बी हैवी एथेनॉल की कीमत 57.61 रुपये कर दी गई है, जो पहले 54.27 रुपये प्रति लीटर थी। इसके आलावा पहले 43.75 रुपये प्रति लीटर बिकने वाले सी हैवी एथेनॉल की कीमत 45.69 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इससे शुगर मिलों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा और वे किसानों के बकाये का भुगतान कर पाएंगे। बता दें कि पेट्रोल में 10 फीसदी तक एथेनॉल मिलाया जाएगा, जिससे शून्य प्रदूषण होता है।

2- खाद्यान्नों की पैकिंग जूट की बोरी में करना अनिवार्य किया
जूट उद्योग की मदद के लिए सरकार ने खाद्यान्नों की सौ फीसदी पैकिंग और चीनी की 20 प्रतिशत पैकिंग जूट की बोरियों में किया जाना अनिवार्य कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया । बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी । उन्होंने बताया कि कि मंत्रिमंडलन ने अनिवार्य जूट पैकेजिंग आदेश का विस्तारित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से हजारों किसानों के साथ साथ साथ जूट उद्योग में लगे लगभग चार लाख श्रमिकों को लाभ होगा। जूट (पटसन) मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश में उगाया जाता है।

3- बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना के दूसरे-तीसरे चरण को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) के दूसरे व तीसरे चरण को मंजूरी दे दी। इस परियोजना के तहत देश भर में चयनित 736 बांधों की सुरक्षा और परिचालन को बेहतर बनाने के लिए 10,211 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अप्रैल 2021 से मार्च 2031 तक लागू की जाएगी।

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