मध्य प्रदेशराज्य

कांग्रेस सरकार में ज्यादा एडमिशन के रिकार्ड को नहीं तोड़ सकी BJP सरकार, अब दांव पर चौथा राउंड

भोपाल
कांग्रेस सरकार ने गत वर्ष प्रदेश के सभी निजी और सरकारी कालेजों पांच लाख 36 हजार प्रवेश कराए थे, लेकिन मौजूदा सरकार पांच लाख का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी है। इसलिए उच्च शिक्षा विभाग ने एक राउंड की काउंसलिंग कराने के बाद चौथा सीएलसी का राउंड शुरू कर दिया है, ताकि वे पिछले रिकार्ड को तोड़ने की वजह उसे बराबरी तक कर सकें।

कांग्रेस सरकार ने गत वर्ष छात्राओं को निशुल्क प्रवेश देने की व्यवस्था बनाई थी, जिसके कारण गत वर्ष यूजी और पीजी में पांच लाख 36 हजार प्रवेश हुए थे। छात्राओं का निशुल्क प्रवेश वर्तमान सत्र में भी दिए जा रहे हैं, लेकिन यकायक प्रदेश में आयी भाजपा सरकार 12वीं पास और स्नातक पास विद्यार्थियों को आगामी सत्र में प्रवेश कराने के लिए अपनी तरफ आकर्षित नहीं करा सकी है, जिसके कारण प्रवेश का आंकड़ा पांच लाख तक नहीं छू सका है। तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री जीतू पटवारी ने प्रवेश को लेकर काफी मशक्कत की थी, जिसके कारण गत वर्ष हुए प्रवेश विभाग के सबसे ऊंचे प्रवेश का ग्राफ बना था। उनकी योजनाएं भी विद्यार्थियों को अपनी तरफ खींच ले गई थीं। जबकि गत वर्ष निशुल्क मोबाइल आवंटित करने की व्यवस्था तक बंद कर दी गई थी।  

सीटों का गठजोड़ पर मंत्री यादव की विसात फेल
सत्र 2020-21 में यूजी-पीजी में करीब नौ लाख सीटें हैं। जबकि गत वर्ष करीब 11 लाख सीटें थीं। मंत्री पटवारी की सख्ती देख निजी कालेजों ने यूजी-पीजी में करीब दो लाख सीटों की संबद्धता नहीं ली है। उच्च शिक्षामंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी कालेजों की 15 से 30 फीसदी बढ़ोतरी करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद सूबे के 517 सरकारी कालेजों ने 15 फीसदी और चालीस ने तीस फीसदी सीटें बढ़ा दीं। ये सीटें उन कालेजों की बढ़ाई गर्इं, जिसमें सीटें फुल होने के बाद लेने के लिए विद्यार्थी प्रवेश लेना चाहते थे। ऐसे कालेजों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन मंत्री यादव ने समूचे कालेजों की सीटें बढ़ा दीं, जिससे रिक्त सीटों का ग्राफ काफी ऊपर तक चला गया है। मंत्री यादव ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए सीएलसी का चौथ राउंड तैयार कराया, जिसमें कालेज प्राचार्य पांच दिन लगातार लाउड स्पीकर पर विद्यार्थियों का नाम चिल्ला चिल्ला कर फीस जमा कराएंगे।

चालीस कालेज बढ़ा सकें सीटें
उच्च शिक्षामंत्री यादव के फरमान के बाद प्रदेश के चालीस कालेज सहित भोपाल का सिर्फ एमव्हीएम ही अपनी तय सीटों पर 30 फीसदी बढ़ोतरी कर सका है। जबकि शेष कालेजों ने मंत्री यादव के फरमान को नजरअंदाज कर दिया है। प्राचार्यों का कहना है कि मंत्री का तुगलकी फरमान मानना जरुरी नहीं हैं। क्योंकि कालेजों में स्टाफ के साथ फर्नीचर और कक्षाओं का अभाव हैं। ज्यादा प्रवेश होने पर विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठाने और उन्हें सुविधा देने का अभाव है। इसके चलते सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं।

गत वर्ष की स्थिति

  • स्नातक (यूजी)- 9 लाख 38 हजार 04
  • पीजी-1 लाख 88 हजार 881
  • प्रवेश- 5 लाख 36 हजार  
  • छात्र प्रवेश 1 लाख 83 हजार
  • छात्रा प्रवेश 1 लाख 90 हजार
  • स्नाकोत्तर (पीजी)
  • छात्र प्रवेश 33 हजार
  • छात्रा प्रवेश 56 हजार

वर्तमान सत्र  

  • स्नाकोत्तर (पीजी) – 7 लाख 75 हजार 769
  • पीजी- 1 लाख 45 हजार 905
  • प्रवेश – 4 लाख 87 हजार
  • स्नातक (यूजी)
  • छात्र प्रवेश 1 लाख 36 हजार 300
  • छात्रा प्रवेश 1 लाख 53 हजार 700  
  • स्नाकोत्तर (पीजी)
  • छात्र प्रवेश 22 हजार 200
  • छात्रा प्रवेश 37 हजार 800 छात्रा
  • 15 फीसदी बढ़ने के बाद
  • 8 लाख 45 हजार 802
  • 1 लाख 67 हजार 360  
     
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