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कांग्रेस के इंदुराज नरवाल ने पहलवान योगेश्वर को किया चित, दूसरी बार की हार

सोनीपत
हरियाणा के सोनीपत जिले की बरोदा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेसी उम्मीदवार इंदुराज नरवाल ने जीत का दांव चलते हुए राजनीतिक अखाड़े में अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के उम्मीदवार योगेश्वर दत्त को चारों खाने चित कर दिया है। इंदुराज नरवाल हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन के उम्मीदवाद योगेश्वर पर सुबह से ही बढ़त कायम रखे हुए थे।

इस सीट के लिए गत तीन नवंबर को 68.57 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार यहां कुल 14 प्रत्याशी इस उपचुनाव में अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे थे। बरोदा विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन के कारण रिक्त हुई थी। वह इस सीट से 2009, 2014 और 2019 में तीन बार विधायक रहे।

उपचुनाव में मिली जीत के बात इंदुराज नरवाल ने ट्वीट कर कहा, ''ये जीत जनता की जीत है, किसान और मजदूर की जीत है। ये चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा जी की जीत है। आपके द्वारा दिए गए प्रेम व समर्थन के लिए आपका सदैव आभारी रहूंगा।''

इससे पहले वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने योगेश्वर दत्त को पराजित किया था। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली बरोदा सीट पर योगेश्वर इस बार भी शुरू से ही कांग्रेस प्रत्याशी के मुकाबले कमजोर नजर आ रहे थे। वर्ष 2012 के ओलंपिक खेलों में कुश्ती में कांस्य पदक जीतने के बाद योगेश्वर ने वर्ष 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। खेलों में उपलब्धियों के आधार पर हरियाणा सरकार ने योगेश्वर को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर नियुक्ति दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने इस पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया, लेकिन राजनीति के इस दंगल में उन्हें दूसरी बार भी सफलता नहीं मिल सकी है।

बरोदा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत को हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने प्रदेश की जनता की जीत बताते हुए कहा कि यह किसानों के खिलाफ बनाए गए कानूनों के खिलाफ जनता का फैसला है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के तमाम अनुचित हथकंडे आजमाने के बावजूद सत्तारूढ़ गठबंधन को यहां हार का मुंह देखना पड़ा और ये साफ संदेश है कि जनता ने इन्हें नकार दिया है। कुमारी सैलजा आज बरोदा में कांग्रेस उम्मीदवार इंदुराज नरवाल की जीत के बाद दिल्ली स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को बहुमत देकर बरोदा की जनता ने दिखा दिया है कि उन्हें न तो केंद्र की मोदी सरकार के तानाशाही भरे फैसले मंजूर हैं और ना ही प्रदेश में भाजपा-जजपा की सरकार की कार्यप्रणाली ही जनहित में दिख रही है। इस चुनाव का परिणाम सीधे-सीधे केंद्र के काले किसान कानूनों के खिलाफ हरियाणा की जनता का फैसला है और जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि अब इन काले कानूनों की पैरवी करने वाली हरियाणा की भाजपा- जजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

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