छत्तीसगढ़राज्य

कलेक्टर ने किया सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट का अवलोकन

महासमुंद
कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने  बसना विकासखण्ड के ग्राम गढफुलझर में स्थित सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट का अवलोकन किया। उन्होंने ग्लेजिंग यूनिट के सभी मशीनों एवं वहां कारीगरों द्वारा बनाए जा रहें सभी सामग्रियों की जानाकरी ली। कलेक्टर ने सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट में बनाए जा रहे सामग्रियों को देखकर वहां पर कार्यरत् कारीगरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट के उन्नयन के लिए केन्द्र सरकार की योजना स्फूर्ति से फंड दिलानें की बात कहीं। इसके लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जिससे कि सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट के विकास को और बढ़ावा मिल सकें।

इस योजना के माध्यम से बेहतर उपकरणों, उपकरणों और विपणन बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी हो तथा पारंपरिक ग्रामीण उद्योगों के विकास एवं अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकें। इसके अलावा कारीगरों को समूहों में संगठित करने के लिए और दीर्घकालिक रोजगार एवं अर्थव्यवस्था में समर्थन मिल सकें। जिससे कि समूहों के उत्पादों की विपणन क्षमता नए उत्पाद, डिजाइन, प्रशिक्षण और बेहतर पैकेजिंग और विपणन बुनियादी ढांचे के सुधार के जरिए प्रोत्साहन मिलें।

इस दौरान माटीकला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष चन्द्रशेखर पाड़े एवं मिनकेतन राणा ने सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट में बनाए जा रहे सभी सामग्रियों एवं कलाकृतियों के बारें में विस्तार से जानकारी दी।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि यहां के सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट से बनाए गए सामग्रियों का छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड रायपुर के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी काफी मांग हैं। यहां विशेषकर माटी के दीये, बर्तन, थाली, कप, गिलास, प्लेट, कटोरी, सुराही, पॉट, बरनी, पानी बॉटल के अलावा आॅर्डर आने पर मिट्टी की मूर्तियॉ, झालर एवं अन्य सामग्रियॉ बनाई जाती हैं। पाड़े ने बताया कि सिरेमिक ग्लेजिंग यूनिट परिसर में छात्रावास भी है। जहां अन्य जिले एवं प्रांतों के कारीगर आकर यहां प्रशिक्षण भी प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ रवि मित्तल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुणाल दुदावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

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