राजनीति

एक्जिट पोल में महागठबंधन की सरकार, फिर भी जीत के जश्न से क्यों परहेज कर रहे तेजस्वी यादव

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ही महागठबंधन से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को 'डर' सताने लगा है। यह 'डर' 2015 की घटना को लेकर है, जिसके जलते तेजस्वी यादव और आरजेडी अपने कार्यकर्ताओं को लेकर आशंकित हो गए हैं। इसके चलते तेजस्वी ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘अशिष्ट’ व्यवहार से बचने की हिदायत दी। 10 नवंबर को बिहार विधानसभा के लिए मतगणना है, इससे एक दिन पहले यानी 9 नवबंर को तेजस्वी यादव का जन्मदिन भी है।

RJD कार्यकर्ताओं से की है ये अपील
दरअसल बिहार चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद दिखाए गए एक्जिट पोल में महागठबंधन की जीत की संभावना जताई गई है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल ने रविवार को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को चेताया कि वे चुनाव परिणाम को संयम और शिष्टाचार से स्वीकार करेंगे और प्रतिद्वन्द्वियों के साथ किसी तरह के अशिष्ट व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजद ने कहा, "सभी शुभचिंतकों व समर्थकों से विनम्र अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी के अपने जन्मदिन को सादगी से मनाने के निजी निर्णय का सम्मान करते हुए आप घर पर ही रहें और आवास आकर व्यक्तिगत रूप से बधाई देने से बचें।" पार्टी ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे 10 नवंबर को मतगणना के लिए अपनी सजग उपस्थिति क्षेत्र में बनाए रखें। राष्ट्रीय जनता दल ने कहा है कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता स्मरण रखें-10 नवम्बर को चुनाव परिणाम कुछ भी हों, उसे पूरे संयम, सादगी और शिष्टाचार से स्वीकारना है। राजद ने कहा है कि, "अनुचित आतिशबाज़ी, हर्ष फायरिंग, प्रतिद्वंदियों अथवा उनके समर्थकों के साथ अशिष्ट व्यवहार इत्यादि किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।"

इस वजह से आशंकित हैं तेजस्वी
बिहार विधानसभा 2020 के लिए सामने आए एग्जिट पोल में महागठबंधन की सरकार बनते हुए दिखाई गई है। इससे आरजेडी के कार्यकर्ता खुश हैं। वहीं तेजस्वी थोड़े आशंकित हो गए हैं। तेजस्वी की आशंका 2015 के बिहार चुनाव में जीत के बाद जश्न के दौरान हुई दुर्घटना के चलते हैं। दरअसल 2015 के चुनाव में जब नीतीश कुमार आरजेडी के साथ थे तब महागठबंधन ने बंपर जीत दर्ज की थी। इसी जीत की खुशी में तब सहरसा और आरा में आरजेडी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया था। सहरसा में आरजेडी के अरुण कुमार की जीत के जश्न के दौरान आरजेडी के समर्थकों ने हवा में बंदूकें लहराईं और फायरिंग कर जीत का जश्न मनाया था, इस पर हंगामा हुआ था। वहीं आरा में जश्न के दौरान भी हादसे की खबर सामने आई थी। आरा में आरजेडी के समर्थक विजय जुलूस निकाल रहे थे। जुलूस में आरजेडी का एक समर्थक पटाखा जला रहा था, कुछ लोगों ने उसे पटाखे जलाने से मना किया। इसी बात को लेकर उसका उन लोगों से विवाद हो गया। इसके बाद मौके पर काफी भीड़ जुट गई। इसी दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने आरजेडी समर्थक को इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर काफी संख्या में आरजेडी समर्थक जुट गए और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस को इस हंगामे को शांत करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हंगामे और आरजेडी समर्थन की मौत ने तेजस्वी की जीत को फीका कर दिया था।

2015 की घटना से बचना चाहते हैं तेजस्वी
इस बार तेजस्वी ने अपने समर्थकों से हिदायत देते हुए 2015 में हुई ऐसी किसी भी घटना से बचना चाहते हैं। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से विनम्रता के साथ चुनाव परिणाम को स्वीकार करने को कहा है। तेजस्वी यादव की प्रशंसा करते हुए सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद जहां ‘आस्था’ का केंद्र हैं, वहीं तेजस्वी पार्टी में ‘व्यवस्था’ का केंद्र हैं। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जमीनी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर किये गए मूल्यांकन के अनुसार पार्टी को एक्जिट पोल के पूर्वानुमानों से अधिक सीटें मिलेंगी।
 

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