छत्तीसगढ़राज्य

एकता और अखण्डता देश का आधार – नैय्यर

रायपुर
किसी भी देश का आधार उसकी एकता और अखंडता में निहित होता है, सरदार पटेल देश की एकता के सूत्रधार थे। राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को सदैव याद किया जायेगा। देश की स्वतंत्रता के पश्चात सरदार वल्लभ भाई पटेल उप प्रधानमंत्री के साथ प्रथम गृह, सूचना तथा रियासत विभाग के मंत्री बने। 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण करके भारतीय एकता का निर्माण किया। बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल का जीवन और राष्ट्रीय एकता पर वेबिनार में ये विचार सुप्रसिद्ध लेखक, संपादक, समीक्षाकार एवं वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने व्यक्त किए। इस वेबीनार का आयोजन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) और प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

नैय्यर ने कहा कि उड़ीसा से 23, नागपुर से 38, काठियावाड़ से 250 तथा मुंबई, पंजाब जैसे 562 रियासतों को भारत में मिलाया। जम्मू-कश्मीर, जूनागढ़ तथा हैदराबाद राज्य को छोड़कर सरदार पटेल ने सभी रियासतों को भारत में मिला लिया था। इन तीनों रियासतों में भी जूनागढ़ को 9 नवंबर 1947 को भारतीय संघ में मिला लिया गया और जूनागढ़ का नवाब पाकिस्तान भाग गया। उन्होंने बताया कि हैदराबाद भारत की सबसे बड़ी रियासत थी। वहाँ के निजाम ने पाकिस्तान के प्रोत्साहन से स्वतंत्र राज्य का दावा किया और अपनी सेना बढ़ाने लगा। हैदराबाद में काफी मात्रा में हथियारों के आयात से सरदार पटेल चिंतित हो गए। अत: 13 सितंबर 1948 को भारतीय सेना हैदराबाद में प्रवेश कर गई। तीन दिन बाद निजाम ने आत्मसमर्पण कर भारत में विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

इस अवसर पर नेहरू युवा केन्द्र संगठन, रायपुर के जिला समन्वयक, अर्पित तिवारी ने बताया कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्मदिन 31 अक्टूबर को एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में तय किया गया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। सरदार पटेल के जीवन के महत्वपूर्ण वृतांतों का स्मरण करते हुए तिवारी ने कहा कि आज के युवा उनके जीवन से समर्पण, त्याग, मानवीय संवेदना और प्रशासनिक कौशल सीख सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और अखण्डता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेहरू युवा संगठन द्वारा किए जा रहे विभिन्न गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी।

इस मौके पर पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के अपर महानिदेशक सुदर्शन पनतोड़े ने कहा कि सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि महात्मा गांधी ने दी थी। वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण कर भारतीय एकता का निर्माण और देश में अखिल भारत सेवाओं की स्थापना सरदार पटेल की महानतम देन है। उन्होंने वेबिनार में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। वेबिनार का संचालन रीजनल आऊरीच ब्यूरो (आरओबी), रायपुर के कार्यालय प्रमुख शैलैष फाये ने किया।

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