मध्य प्रदेशराज्य

उपचुनाव: 40 लाख युवा मतदाता के वोट पर चुनावी जीत-हार

भोपाल
मध्य प्रदेश में उपचुनाव के सियासी रण में मतदाताओं की किस्मत का फैसला अब युवा मतदाताओं के हाथ में है. 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में इस बार करीब 40 लाख युवा मतदाता वोट करने वाले हैं. इनमें से डेढ़ लाख युवा ऐसे हैं, जो इस उपचुनाव में पहली बार मत डालेंगे. ऐसे में चुनावी जीत-हार में इन युवा मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है.

बीजेपी हो या कांग्रेस, युवा मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए उन्हें लुभाने में जुटी हुई हैं. जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं वहां के 4 लाख 13 हजार से ज्यादा वोटरों ने किसी भी एक पार्टी का पूरे 5 साल तक का कार्यकाल नहीं देखा है. जीत के लिए अब हर पार्टी की नजर युवा वोटर्स पर है. 40 लाख से ज्यादा युवा मतदाता जिस भी पार्टी की तरफ रुख करेंगे, उस पार्टी की जीत आसान हो सकेगी. युवा मतदाताओं के साथ ही 28 विधानसभा क्षेत्र में कुल वोटर्स 60. 85 लाख से ज्यादा हैं.

28 विधानसभा क्षेत्र में जहां युवा मतदाताओं की संख्या ज्यादा है तो वहीं बुजुर्ग मतदाताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. इनमें 60 से 70 साल के सबसे ज्यादा वोटर ग्वालियर क्षेत्र में हैं. 60 से 70 साल के मतदाताओं की संख्या ग्वालियर पूर्व सीट पर 25 हज़ार है तो ग्वालियर में 22 हज़ार से अधिक है. मेंहगांव में 21 हजार, सांवेर में 19 हजार, गोहद में 18 हजार से ज्यादा है. ग्वालियर क्षेत्र के अलावा सभी सीटों पर इसी आयु वर्ग के 04 लाख 65 हजार के करीब मतदाता हैं.

मध्य प्रदेश की 28 विधान सभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में बीजेपी हो या फिर कांग्रेस दोनों ही दल एक दूसरे के खिलाफ ताबड़तोड़ शिकायत दर्ज करा रहे हैं. इस शिकायतबाजी में कांग्रेस,बीजेपी से आगे निकल गई है. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा शिकायतें जिला स्तर के साथ भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग में की हैं. बीजेपी और कांग्रेस की लीगल सेल चुनाव आयोग में लगातार शिकायत दर्ज करा रही हैं.

लीगल सेल हर उस विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं, जहां पर उप चुनाव हो रहे हैं. यह शिकायतें स्थानीय प्रत्याशी के साथ दोनों ही पार्टियों के दिग्गजों नेताओं के खिलाफ की जा रही हैं. लीगल सेल विरोधी दलों पर नजर बनाए हुए हैं. कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस अब तक सबसे ज्यादा शिकायत चुनाव आयोग में कर चुकी हैं. शिकायतों का ये दौर अभी भी जारी है. बीजेपी ने अब तक 140 शिकायत कीं. इनमें से 40 शिकायत भोपाल में चुनाव आयोग में दर्ज कराई गयीं. जबकि कांग्रेस ने अभी तक 200 शिकायत कीं. इनमें से सबसे ज्यादा शिकायत भोपाल में चुनाव आयोग में दर्ज करायी गयीं.

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