राजनीति

उपचुनाव: प्रशासनिक अमले पर पक्षपात के आरोपों से गरमाई सियासत

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया है। शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को धमका कर उनका अपमान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। चुनाव आयोग को स्वयं ऐसे बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए। गौरतलब है कि सोमवार को कमलनाथ ने आरोप लगाया था कि कुछ अफसर और कर्मचारी भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में काम कर रहे हैं। ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के लिए कमलनाथ ने हिदायत देते हुए कहा था कि 10 के बाद 11 तारीख भी आएगी। इस पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन पर पलटवार किया है।

शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अपनी संभावित हार से घबराकर कांग्रेस के नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह आजकल कर्मचारी और अधिकारियों को धमका रहे हैं। हर दिन कहते हैं कि हम देख लेंगे, हम देख रहे हैं, हम निपटा देंगे। आखिर मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी अपना आत्म सम्मान होता है। वे अधिकारियों को धमका कर उनका अपमान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इसलिए चुनाव आयोग से मांग करता हूं कि आयोग स्वयं की संज्ञान लेते हुए धमकाने वाले इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे।

इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान स्वयं अफसरों पर दबाव बनाकर चुनाव में भाजपा के पक्ष में काम ले रहे हैं। चुनाव आयोग को इस पर भी स्वयं संज्ञान लेना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने जो कहा है उस पर भी चुनाव आयोग संज्ञान ले, लेकिन कांग्रेस ने जो आरोप सरकार और भाजपा के साथ अफसरों पर लगाए हैं उस पर भी उसे संज्ञान लेकर एक्शन लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भोपाल में रानी पदमावती का भव्य स्मारक बनाया जाएगा और उनकी जीवनी को राज्य के स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। इंदौर में राजपूत समाज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से घोषणा की कि  मध्यप्रदेश सरकार महाराणा प्रताप के नाम पर शौर्य पुरस्कार शुरु करेगी वहीं महारानी पद्यावती के नाम पर पद्यिनी पुरस्कार हर साल प्रदान करेगी। प्रदेश में अपने शौर्य और पराक्रम का उत्कृष्ट परिचय देने वाले अदम्य साहसी लोगों को ये पुरस्कार दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर भोपाल में मनुआभान टेकरी के पास रानी पद्यावती का भव्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह स्मारक अपने आप में अदभुत होगा। इसके निर्माण के लिए हम बजट में कोई कमी नहीं आने देंगे।  मुख्यमंत्री चौहान ने यह भी कहा कि आने वाले समय में स्कूली बच्चे रानी पद्यावती के शौर्य और पराक्रम से परिचित हो इसके लिए उनकी जीवनी को राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। बच्चे उनकी जीवनी से प्रेरित होंगे और उनकी तरह शौर्य और पराक्रम दिखाने के लिए प्रेरित होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button