मध्य प्रदेशराज्य

उद्योग लगाने के लिए आज जैसे अनुकूल वातावरण पहले कभी नहीं रहाः नरेन्द्र सिंह तोमर

ग्वालियर
आज उद्योग लगाने के लिए जैसा अनुकूल वातावरण है, वैसे कभी नहीं रहा, सरकार ने नीतियां बनाकर प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा दिए और अब जरुरत है उद्यमियों के सामने आने की, वे आएं प्रोजेक्ट बनाएं और काम शुरु करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया से लेकर स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया की योजनाएं हैं। प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा जी मदद करेंगे। यदि उद्योग लगाने में कोई परेशानी आती है तो सीधे मुझसे संपर्क करें, तुरंत समाधान होगा। यह बात केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंड्रस्टीज के कार्यक्रम में युवा उद्यमियों के बीच कही।
तोमर ने कहा कि लोग कहते हैं कि अंचल में उद्योग नहीं आते। आज क्षेत्र में मालनपुर से लेकर बानमोर और सीतापुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र हैं। इसके साथ गारमेट पार्क, कालीन पार्क और प्लास्टिक पार्क तैयार है। युवा उद्यमी अपना प्रोजेक्ट बनाएं और उद्योग लगाएं। इसमें राज्य व केन्द्र सरकार पूरी मदद करेगी। अभी कोरोना संक्रमण का समय आया, पूरे देश में लॉकडाउन हुआ और ऐसे समय में स्थानीय लोग ही काम आए और उनके प्रोडक्ट ने लोगों की मदद की। इसी से आपदा में अवसर पैदा हुए और प्रधानमंत्री मोदी ने लोकल फॉर वोकल का आह्वान किया। यानि जो लोग आसपास हैं, उन्हें हीन भावना से नहीं देखे और लोकल पर गौरव होना चाहिए। तोमर ने स्पष्ट कहा कि जिन हाथ में हुनर है, उसे काम की कमी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी के लिए स्किल इंडिया कार्यक्रम चलाया।

व्यापारी और उद्योगपति को हमेशा सम्मान दें
उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने वाले को पहले बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। व्यापारी या उद्योगपति पूंजी लगाकर व्यापार करते हैं और टैक्स देते हैं। इसी टैक्स से गरीब को सब्सिडी मिलती है। व्यापारी की पहचान शोषण करने वाले की बना दी गई है। उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी लागू करने की योजना कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने बनाई थी और प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह और तत्कालीन वित्त मंत्री इसके समर्थक थे। एनडीए सरकार ने इसे लागू किया और यह केवल प्रधानमंत्री मोदी अकेले का निर्णय नहीं है, बल्कि जीएसटी काउंसिल इसके नियम बनाती है और इसमें हर राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं। कोई भी रिफॉर्म करने में बहुत ताकत लगती है, लेकिन किया गया। मोदी सरकार ने ऐसे 1600 कानूनों को रद्द किया, जिनकी अब उपयोगिता नहीं रह गई थी, लेकिन अफसर लोगों को परेशान करने के लिए उपयोग में लाते थे। इसी प्रकार कृषि क्षेत्र में बदलाव किए गए। आवश्यक वस्तु अधिनियम में स्टॉक की सीमा हटाई गई। विपक्ष भी इसमें सुधार कर रहा था, लेकिन हमारी सरकार ने कर दिया तो शोर मचाने लगे। गोदामों में गेहूं और दाल रखने की जगह नहीं है, लेकिन इसमें सुधार किया तो विपक्ष ने कहा कि दलालों और व्यापारियों की मदद की जा रही है। हर सुधार को राजनीतिक चश्मे से देखना ठीक नहीं है।

विरासत पर गर्व करना जरूरी, तभी देश आत्मनिर्भर होगा
केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि हमेशा अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। पहले मुगलों और बाद में अंग्रेजों का शासन भारत पर रहा। अंग्रेजों ने देश के एक वर्ग को अपने जैसा बना लिया और वही वर्ग नेतृत्व तैयार वाला हो गया। ऐसे लोगों को विदेश से आया हर कुछ अच्छा लगता है, लेकिन देश की वस्तुएं भी अच्छी हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की कल्पना की और हाल ही में आए कोरोना संक्रमण के संकट ने कई अवसर पैदा किए हैं। इसलिए युवा उद्यमी आशान्विंत रहें और आगे आकर काम करें।

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