उत्तर प्रदेशराज्य

 आरटीओ में अब सातों दिन बनवा सकेंगे डीएल, होंगे और भी जरूरी काम 

 लखनऊ  
शासन ने जनहित गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित परिवहन विभाग की 24 सेवाओं से संबंधित कार्य निर्धारित सात दिनों के अंदर पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस समेत जनता से सीधे जुड़ी कई प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। 

डीलर के पास रहेगी मूल पत्रावली

मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने शुक्रवार को सभी जिलाधिकारियों तथा परिवहन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में ये निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई आनलाइन सेवाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह व परिवहन आयुक्त धीरज साहू भी मौजूद रहे।

समीक्षा में बताया गया कि व्यावसायिक एवं गैर व्यावसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए डिजिटल हस्ताक्षर सहित डाक्यूमेंट्स अपलोड करने की व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है। अब डीलर द्वारा भौतिक पत्रावलियों को उप संभागीय परिवहन कार्यालय में लाने की जरूरत खत्म कर दी गई है। वाहन की मूल पत्रावली अब डीलरों द्वारा ही सुरक्षित रखी जाएगी। इस व्यवस्था से वाहन खरीदारों को रजिस्ट्रेशन नंबर तुरंत आवंटित होगा तथा इस फैसले से प्रदेश में इज आफ डूइंग बिजनेस का मार्ग प्रशस्त होगा। 

ऑनलाइन प्रिंट लेने की सुविधा

समीक्षा में बताया गया कि वाहन की रजिस्ट्रेशन पुस्तिका, परमिट एवं ड्राइविंग लाइसेंस का आनलाइन प्रिंट प्राप्त करने की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। आवेदक यह सुविधा parivahan.gov.in पर जाकर या विभागीय वेबसाइट uptransport.upsdc.gov.in से भी ले सकते हैं। कई अन्य वाहन संबंधी सेवाओं के लिए भी आवेदकों को डाक्यूमेंट्स अपलोड करने और स्लॉट आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नए परमिट, परमिट की द्वितीय प्रति एवं शादी ब्याह के अवसर पर जारी होने वाले स्पेशल परमिट के लिए भी आनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। आवेदक बिना परिवहन कार्यालय आए यह सेवा आनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकता है। आवेदकों को परमिट का आनलाइन प्रिंट प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। 

दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट

बैठक में बताया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी विभिन्न सेवाओं के लिए लखनऊ एवं गाजियाबाद जिले में टोकन व्यवस्था पायलट योजना के रूप में लागू की गई है। आवेदक कार्यालय में उपस्थित होकर टोकन काउंटर से टोकन प्राप्त कर टोकन नंबर के अनुसार कार्य करा सकेंगे। इससे आवेदकों को अनावश्यक लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। इस प्रयोग के सफल होने पर यह सुविधा अन्य जिलों में लागू की जाएगी। आवेदक कामन सर्विस सेंटर पर जाकर भी अपने कार्य के लिए आवेदन पत्र के साथ फसी एवं डाक्यूमेंट्स अपलोड कर स्लॉट प्राप्त कर सकते हैं। 

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