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आत्मनिर्भर भारत 3.0: दिवाली से पहले सरकार ने दिए ये 7 बड़े तोहफे

नयी दिल्ली
मोदी सरकार की तरफ से दिवाली से पहले ही लोगों को दिवाली का तोहफा देते हुए आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के तहत कुल 2,65,080 करोड़ रुपये के 12 उपायों की घोषणा की है। निर्मला सीतारमण की तरफ से आम आदमी को प्रभावित करने वाली कुल 7 घोषणाएं की गईं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

1- डेवलपर्स और घर खरीदारों को इनकम टैक्स में राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो करोड़ रुपये तक की आवासीय इकाइयों की पहली बार सर्कल दर से कम कीमत पर बिक्री पर आयकर नियमों में छूट देने की घोषणा की। अभी तक सर्किल दर और बिक्री करार मूल्य के बीच सिर्फ 10 प्रतिशत तक के अंतर की इजाजत है। आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि अब इस अंतर को 30 जून 2021 तक बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। यह राहत दो करोड़ रुपये तक की आवासीय इकाइयों के लिए है।

2- पीएम आवास योजना अर्बन के लिए 18000 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने शहरी आवास योजना के लिए 18,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान की घोषणा की। इस घोषणा से रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे अनेक क्षेत्रों में रोगजार मिलेगा और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए बजट अनुमानों के अलावा अतिरिक्त बजटीय संसाधनों से 18,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह राशि इस साल दिए जा चुके 8,000 करोड़ रुपये से अतिरिक्त होगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से 12 लाख मकानों का काम शुरू करने के साथ ही 18 लाख मकानों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे 78 लाख नए रोजगार के मौके पैदा होंगे और स्टील तथा सीमेंट की मांग भी बढ़ेगी।

3- आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा
निर्मला सीतारमण ने नई रोजगार सृजन योजना की भी घोषणा की, जिसके तहत नई भर्तियां करने वाले प्रतिष्ठानों को सब्सिडी दी जाएगी। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत प्रतिष्ठानों को नए कर्मचारियों की भर्ती पर यह सब्सिडी मिलेगी। वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 15,000 रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाले नए कर्मचारी को गिना जाएगा। उन्होंने बताया कि इसमें 15,000 से कम वेतन पाने वाले ऐसे कर्मचारी भी शामिल होंगे, जिन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी से निकाल दिया गया था और वे एक अक्टूबर 2020 को या उसके बाद दोबारा जुड़े हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए अधिकतम 50 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम दो नई कर्मचारियों को भर्ती करना होगा, जबकि जिन प्रतिष्ठानों में 50 से अधिक कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम पांच नई भर्ती करनी होगी।

4- सरकार देगी कर्मचारी के हिस्से का 12 फीसदी!
पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका फायदा होगा। इससे उन लोगों को फायदा मिलेगा जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे या जिनकी इस साल 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच नौकरी चली गई हो। यह योजना 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी और यह 30 जून 2021 तक रहेगी। इसके तहत केंद्र सरकार अगले दो साल तक सब्सिडी देगी। जिस संस्था में 1000 तक कर्मचारी हैं, उसमें 12 फीसदी कर्मचारी और 12 फीसदी नियोक्ता हिस्सा केंद्र देगी। 1000 से अधिक कर्मचारियों वाली संस्थाओं में केंद्र कर्मचारी के हिस्से का 12 फीसदी देगा।

5- फर्टिलाइजर के लिए 65000 करोड़ रुपये की सब्सिडी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को घोषित प्रोत्साहन पैकेज के तहत किसानों को 65,000 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसानों को आगामी फसल सत्र के दौरान उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने 65,000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सीतारमण ने आगे कहा कि कर्ज सहायता के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्जिम बैंक को 3,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

6- पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10 हजार करोड़
आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया। मोदी सराकर के इस प्रावधान से रूरल इकनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। पीएम गरीब कल्याण योजना का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत देना है।

7- कोविड-19 टीके पर शोध के लिए 900 करोड़ रुपये अनुदान की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड-19 के टीके पर शोध के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग को 900 करोड़ रुपये अनुदान देने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। उन्होंने कहा कि अनुदान के दायरे में टीके की वास्तविक लागत और वितरण का खर्च शामिल नहीं है। टीका उपलब्ध होने पर इसके लिए अलग से प्रावधान किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि घरेलू रक्षा उपकरण, औद्योगिक प्रोत्साहन, अवसंरचना और हरित ऊर्जा के लिए पूंजीगत एवं औद्योगिक व्यय के लिए 10,200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजटीय आवंटन का भी प्रावधान किया जाएगा।

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