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आत्मनिर्भर भारत: केवडिया सैन्य-कॉन्फ्रेंस में PM मोदी को खुद बनाई हथियार तकनीक दिखाएंगे इनोवेटर 

केवडिया
गुजरात के केवडिया में हो रही देश के टॉप सैन्य कमांडरों की विशेष कॉन्फ्रेंस में इन-हाउस इनोवेटरों को भी बुलाया गया है। ये इनोवेटर अपने द्वारा तैयार किए गए मिलिट्री-उपकरणों की प्रदर्शनी लगाएंगे। जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया जाएगा। इन मिलिट्री-उपकरणों में स्नाइपर बुलेट, माइक्रोकॉप्टर, इलेक्ट्रॉनिक जैमर को रोकने में सक्षम उन्नत बुलेटप्रूफ जैकेट एवं ड्रोन और बंदूकें शामिल हैं। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया कि, तीनों रक्षा बलों को ध्यान में रखकर इन-हाउस इनोवेटरों द्वारा कई तरह की चीजें जो बनाई गई हैं, उन्हें केवडिया में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष दिखाया जाएगा।

 एक सैन्य अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "तीनों सेनाओं के इन-हाउस इनोवेटरों को उनके द्वारा विकसित उत्पादों को दिखाने के लिए बुलाया गया है ताकि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के काम को दिखाया जा सके।" उन्होंने कहा कि, इनमें बुलेट-प्रूफ जैकेट, माइक्रोकॉप्टर, मजबूत इलेक्ट्रॉनिक जैमर एवं दूर से संचालित होने वाले जहाज शामिल हैं, जिन्हें चुने हुए स्टार्ट-अप फर्मों के साथ-साथ हाउस अधिकारियों द्वारा डिज़ाइन व विकसित किया गया है। PM मोदी तीनों सेनाओं को करेंगे संबोधित केवडिया में संयुक्त कमांडरों का सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की अगुवाई में आयोजित किया जा रहा है। 

ध्यान देने वाली यह भी है कि, अब तक संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में केवल कमांडर-इन-चीफ रैंक के अधिकारी शामिल होते थे, जो अपने संबंधित सेवा प्रमुखों के साथ, प्रधानमंत्री द्वारा संबोधित किए जाते रहे। मगर अब, पहली बार इसमें सभी तरह के कमांडर्स हिस्सा ले रहे हैं। 

सीडीएस की भूमिका भी दिखेगी केवडिया में सम्मेलन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की भागीदारी भी दिखाई देगी। सीडीएस का पद भाजपा सरकार के सत्ता में आने के उपरांत 2019 में बनाया गया था, जो बड़े सैन्य सुधारों में से एक था। सीडीएस के अलावा उपरोक्त कार्यक्रम के दौरान, थिएटर कमांड के निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति को लेकर भी प्रस्तुतियाँ दिए जाने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, रक्षा मंत्रालय देश में रक्षा बलों के पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम के रूप में वायु रक्षा कमान गठित कर सकता है। 

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