राष्ट्रीय

अलीबाग क्‍वारंटीन सेंटर में फोन इस्‍तेमाल कर रहे थे अर्नब गोस्‍वामी! तलोजा जेल शिफ्ट किए गए

मुंबई
खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में अरेस्‍ट किए गए रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्‍वामी को रविवार सुबह नवी मुंबई से तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। उन पर आरोप है कि न्‍यायिक हिरासत में होने के बावजूद वह मोबाइल फोन का इस्‍तेमाल कर रहे थे और सोशल मीडिया पर ऐक्टिव थे। अर्णब को अलीबाग स्थित नगर पालिका के एक स्‍कूल में बने क्‍वारंटीन सेंटर में रखा गया था। तलोजा जेल ले जाते समय अर्नब पुलिस वैन के भीतर से चीखते नजर आए। उन्‍होंने आरोप लगाया कि शनिवार को अलीबाग जेलर ने उनके साथ मारपीट की और उन्‍हें जबरन तलोजा जेल ले जाया जा रहा है। वैन के बाहर दिख रहे लोगों से अर्नब ने कहा कि उनकी जान खतरे में है, इसलिए वे कोर्ट को उनकी मदद करने के लिए कहें। गौरतलब है कि अर्नब उन तीन आरोपियों में से एक हैं जिन पर इंटिरियर डिजायनर और उनकी मां को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है। इस मामले के जांच अधिकारी जमील शेख ने बताया कि गत शुक्रवार की देर शाम हमें पता चला कि अर्नब गोस्‍वामी सोशल मीडिया पर ऐक्टिव हैं। वह किसी और के फोन का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। हम उनका पर्सनल फोन पहले ही सीज कर चुके हैं। मैंने अलीबाग जेल सुप्रिटेंडेंट को चिट्ठी लिख एक जांच रिपोर्ट बनाने को कहा कि कैसे क्‍वारंटीन सेंटर में अर्नब गोस्‍वामी को मोबाइल फोन उपलब्‍ध हुआ। रिपोर्ट के आधार पर हमने गोस्‍वामी को तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया है।

पत्‍नी ने कहा- गोस्‍वामी पर लगे आरोप फर्जी
इस बीच, रिपब्लिक टीवी की वरिष्ठ कार्यकारी संपादक और अर्नब गोस्वामी की पत्नी सम्यब्रत राय गोस्वामी ने कहा कि उनके पति को फर्जी आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने कहा, ‘आज सुबह, मेरे पति को महाराष्ट्र पुलिस द्वारा खींचकर पुलिस वैन में बैठाया गया और तलोजा जेल ले जाया गया। वह बार-बार कह रहे थे कि उनकी जान खतरे में है। उन्होंने चार रातें न्यायिक हिरासत में बिताई हैं। वह बार-बार कह रहे थे कि जेलर ने उनकी पिटाई की, उनका जीवन खतरे में है और उन्हें अपने वकील से बात नहीं करने दी जा रही है। एक निर्दोष व्यक्ति और दशकों से प्रतिष्ठित पत्रकार, जो राष्ट्र के लिए अपना कर्तव्य निभा रहे है, उनपर फर्जी आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट, उत्पीड़न किया गया और फंसाया गया है। उन्हें जेल में डाल दिया गया है।’

जेलर से मिले किरीट सोमैया
वहीं, बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने एक ट्वीट कर बताया कि रविवार को उन्होंने तलोजा जेल के जेलर से मुलाकात की और जेलर ने आश्वासन दिया कि गोस्वामी का उत्पीड़न नहीं होगा और उन्हें आवश्यक चिकित्सा मुहैया कराई जाएगी।

हाई कोर्ट से फिलहाल नहीं मिली है बेल
गौरतलब है कि शनिवार को बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने अर्नब गोस्‍वामी की जमानत याचिका पर तत्‍काल फैसला सुनाते हुए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा था कि अर्नब निचली अदालत में जमानत याचिका लगाने के लिए स्‍वतंत्र है। कोर्ट ने निचली अदालत से भी कहा कि अगर गोस्‍वामी याचिका दायर करते हैं तो उस पर चार दिनों के भीतर फैसला दे दें।

यह है मामला
आरोप के मुताबिक, रिपब्लिक टीवी पर आर्टिकेक्ट फर्म कॉन्कॉर्ड डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड के एमडी अन्वय नाइक का 83 लाख रुपया बकाया था। नाइक ने रिपब्लिक टीवी का स्टूडियो तैयार किया था। दो अन्य कंपनियां- आईकास्टएक्स/स्काइमीडिया और स्मार्टवर्क्स भी अपना-अपना बकाया चुकाने में नाकाम रहीं। पुलिस के मुताबिक, तीनों कंपनियों पर कुल 5.40 करोड़ रुपये का बकाया था। रिपब्लिक टीवी की तरफ से भु्गतान नहीं होने की वजह से नाइक और बाद में उनकी मां ने कथित रूप से खुदकुशी कर ली थी।

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